उत्तराखंड | हाईकोर्ट ने तीरथ सरकार के इस फैसले को बदला, अब फिर बढ़ेगी सख्ती

हरिद्वार महाकुंभ को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट ने तीरथ सरकार का एक फैसला बदल दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि हरिद्वार कुंभ में आने के लिए 72 घंटे पहले की कोविड नेगेटिव रिपोर्ट लानी जरूरी होगी या फिर वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा।
 
उत्तराखंड | हाईकोर्ट ने तीरथ सरकार के इस फैसले को बदला, अब फिर बढ़ेगी सख्ती

नैनीताल (उत्तराखंड पोस्ट) हरिद्वार महाकुंभ को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट ने तीरथ सरकार का एक फैसला बदल दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि हरिद्वार कुंभ में आने के लिए 72 घंटे पहले की कोविड नेगेटिव रिपोर्ट लानी जरूरी होगी या फिर वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बुधवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। नोटिफिकेशन जारी होते ही एक अप्रैल से ये व्यवस्था शुरू हो जाएगी। मुख्य सचिव ने कहा कि आज या कल में कुंभ का नेाटिफिकेशन जारी हो जाएगा।

आपको बता दें कि पूर्व की त्रिवेंद्र सरकार ने कुंभ में कोविड नेगेटिव रिपोर्ट को अनिवार्य किया था लेकिन 10 मार्च को CM तीरथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद इस फैसले को बदल दिया था। साथ ही सीएम तीरथ ने कई और बाध्यताओं को भी समाप्त कर दिया था।

सीएम तीरथ के इस फैसले के बाद 11 मार्च को हुए शाही स्नान में हर की पैड़ी पर 35 लाख से अधिक श्रदालुओं ने कुंभ में स्नान किया था। लेकिन बुधवार को हाईकोर्ट में कुंभ को लेकर लगी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एक बार फिर सख्त रूप अपनाते हुए कुंभ के लिए जारी केंद्र की एसओपी के पालन करने के आदेश दिए। हाईकोर्ट ने कुंभ के अधूरे पडे कार्यों पर भी रिपोर्ट तलब की है।

इसके बाद राज्य के मुख्य सचिव ने बयान जारी कर कहा कि कुंभ में हाईकोर्ट की मंशा के अनुसार केंद्र द्वारा जारी एसओपी का पालन कराया जाएगा। केंद्र द्वारा जारी एसओपी के अनुसार न सिर्फ कोरोना की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट लानी अनिवार्य होगी। बल्कि कुंभ में श्रदालुओं की सीमित संख्या भी तय करनी होगी। इस लिहाज से कुंभ के एक बार फिर सीमित हो जाने के आसार बन गए है।

वहीं राज्य सरकार के प्रवक्ता सुबोध उनियाल का कहना है कि कुंभ में आने वाली लाखों की भीड़ में एक-एक आदमी की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट चेक करना संभव नहीं है। इतना जरूर है कि राज्य सरकार एसओपी का पालन कराने का हर संभव प्रयास करेगी. सुबोध के अनुसार हरिद्वार के सभी बॉर्डर पर आरटीपीसीआर टेस्ट कराने की राज्य सरकार सुविधा उपलब्ध कराएगी।

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