उत्तराखंड | मुख्यमंत्री ने इन 4 जिलों के डीएम पर छोड़ा फैसला, लग सकता है कर्फ्यू!

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदों की वर्तमान परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में देहरादून , हरिद्वार , ऊधमसिंह नगर व नैनीताल जिले के जिलाधिकारी को विशेषतौर पर अपने विवेकानुसार अपने जनपदों में कर्पयू लगाने अथवा अन्य कड़े नियम लागू करने के लिए अधिकृत होगें।
 
उत्तराखंड | मुख्यमंत्री ने इन 4 जिलों के डीएम पर छोड़ा फैसला, लग सकता है कर्फ्यू!

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कोविड वैक्सीन के लिये संबंधित कम्पनी को अविलंब डिमान्ड भेजने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द से जल्द प्रदेशवासियों का कोविड टीकाकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिये। इसके लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बीजापुर सफ़े हाउस में कोविड 19 आपातकाल बैठक में ये निर्देश दिये। इस बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूङी, सचिव अमित नेगी, सचिव शैलेश बगोली, सचिव डॉ पंकज कुमार पाण्डेय, डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल , अपर सचिव अरुनेंद्र चव्हाण  उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदों की वर्तमान परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में देहरादून , हरिद्वार , ऊधमसिंह नगर व नैनीताल जिले के जिलाधिकारी को विशेषतौर पर अपने विवेकानुसार अपने जनपदों में कर्पयू लगाने अथवा अन्य कड़े नियम लागू करने के लिए अधिकृत होगें। परन्तु यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि उद्योग, भारवाहन निर्माण कार्य व अन्य आवश्यक सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित रहें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आक्सीजन हमारे यहां पर्याप्त मात्रा में है। इसका सही तरीके से प्रयोग बहुत जरूरी है। यह सुनिश्चित किया जाए कि आक्सीजन के अभाव में प्रदेश में किसी मरीज को परेशानी  न हो। आक्सीजन प्लांट का पूरी क्षमता से उपयोग हो। आक्सीजन के लिए जरूरी सिलेंडरों की कमी न हो। कोविड टेस्ट करवाने वालों को तुरंत जरूरी किट उपलब्ध कराई जाए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की चेन को ब्रेक करने के लिए जनजागरूकता बहुत जरूरी है। साथ ही मास्क न पहनने या सोशल डिस्टेंसिंग की अवहेलना करने पर तुरंत कङी कार्रवाई करें। राज्य के बोर्डर पर और सख्त होने की जरूरत है। 

सचिन डॉ पंकज पाण्डेय ने बताया कि 7 नये आक्सीजन प्लांट की मंजूरी मिली है। आठ पहले से एक्टिव हैं। और अधिक आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स की व्यवस्था की जा रही है। राज्य में वर्तमान में आक्सीजन की कमी नहीं है।

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