मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने पेश किया 5315 करोड़ का अनुपूरक बजट
देहरादून ( उत्तराखंड पोस्ट ) उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही हंगामेदार रही है । सीएम धामी ने हंगामे के बीच ही 5315 करोड़ रुपये का अनुपुरक बजट पेश किया।
इसके साथ ही नौ विधेयक भी पेश हुए। कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने सदन में जमकर नारेबाजी और बेल में आकर मेज पलटने के साथ ही कागज फाड दिए। जिसके बाद विधानसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। बता दें भराड़ीसैंण में 19 से 22 अगस्त तक विधानसभा का मानसून सत्र (Uttarakhand Monsoon Session 2025 News) चलेगा
सदन के पटल पर रखे ये 9 विधेयक-
समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक, 2025
उत्तराखंड साक्षी संरक्षण (निरसन) विधेयक, 2025
उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ मंदिर अधिनियम, 1939) (संशोधन) विधेयक, 2025
उत्तराखंड पंचायतीराज (संशोधन) विधेयक, 2025
उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025
उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक, 2025
उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2025
उत्तराखंड लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक, 2025
भराङीसैण (गैरसैण) में आयोजित विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किये गये अनुपूरक बजट के संबंध में मीडिया से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 5315 करोड़ रुपये का यह अनुपूरक बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि सतत विकास, समावेशी विकास, नवाचार और आर्थिक सुदृढ़ता की दिशा में हमारा संकल्प है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा फोकस राज्य की मानव पूंजी में निवेश और हर वर्ग के समावेशी विकास पर है। किसानों, श्रमिकों, गरीबों, महिलाओं, युवाओं, सुरक्षाबलों और पत्रकारों सहित सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह बजट तैयार किया गया है।
राज्य में विद्युत टैरिफ सब्सिडी, स्वास्थ्य योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना, पुलिसकर्मियों के आवास, तीमारदारों के विश्राम गृह तथा शहीद व पत्रकार कल्याण कोष के लिए समुचित प्रावधान किए गए हैं।
हमारी सरकार ने आपदा न्यूनीकरण और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्राथमिकता दी है, ताकि ’इकोलॉजी’ और ’इकोनॉमी’ के बीच संतुलन बना रहे। भू-धसाव, भूकंप जोखिम, स्प्रिंग मैपिंग, और आपदा राहत हेतु प्रभावी बजटीय प्रावधान किए गए हैं।
बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में रिस्पना-बिन्दाल एलिवेटेड रोड, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार, कुंभ मेला अवसंरचना, तथा पर्यटन विकास को भी विशेष महत्व दिया गया है।
हम ऋषिकेश को योग नगरी और हरिद्वार को आध्यात्मिक पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने को प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, नन्दा राजजात यात्रा और शारदा रिवर फ्रंट जैसे सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजनों को भी सशक्त किया जा रहा है।
यह अनुपूरक बजट नए उत्तराखण्ड की दिशा में एक और मजबूत कदम है। मैं राज्य की जनता से आह्वान करता हूं कि इस विकास यात्रा में हमारा साथ दें।“