समर वैली स्कूल में छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप पर बवाल, कांग्रेसियों ने गेट पर चढ़कर किया प्रदर्शन

 

देहरादून(उत्तराखंड पोस्ट) डालनवाला स्थित समर वैली स्कूल में छात्राओं से कथित छेड़छाड़ के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। स्कूल का गेट नहीं खोले जाने पर कुछ कार्यकर्ता गेट पर चढ़कर दूसरी ओर कूद गए और परिसर में प्रवेश कर गए।

15 छात्राओं ने शिक्षक के खिलाफ की शिकायत

मामला 11वीं कक्षा की एक छात्रा की शिकायत से जुड़ा है। छात्रा ने स्कूल के फिजिक्स शिक्षक पर गलत तरीके से छूने का आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, इस संबंध में स्कूल प्रबंधन को दिए गए शिकायती पत्र पर 15 छात्राओं ने हस्ताक्षर किए थे। शिकायत में शिक्षक के व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

छात्रा और उसकी मां को परिसर में रोकने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि शिकायत लेकर स्कूल पहुंची छात्रा और उसकी मां को स्कूल परिसर में कई घंटों तक रोके रखा गया और उन्हें बाहर नहीं जाने दिया गया। बताया गया कि इस दौरान स्कूल के गेट बंद कर ताले लगा दिए गए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली।

स्कूल प्रबंधन के रवैये पर उठाए सवाल

परिजनों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधन के एक व्यक्ति ने छात्रा से शिक्षक के कथित व्यवहार को छूकर बताने के लिए कहा। इस पर छात्रा और उसके परिजनों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि शिकायत को संवेदनशीलता और गंभीरता से संभालने के बजाय उनके साथ असंवेदनशील व्यवहार किया गया।

छात्रा की मां ने भी स्कूल प्रबंधन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें और उनकी बेटी को परिसर में रोके रखा गया। उन्होंने इस स्थिति को बंधक बनाए जाने जैसा बताया और पुलिस की भूमिका पर भी नाराजगी जताई।

कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन

मामले में छात्राओं की शिकायत पर उचित कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता स्कूल के बाहर पहुंचे। गेट नहीं खोले जाने पर प्रदर्शनकारियों ने गेट पर चढ़कर दूसरी ओर छलांग लगा दी। इससे स्कूल परिसर के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

मामले में आरोप सामने आने के बाद संबंधित फिजिक्स शिक्षक को निलंबित किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, पूरे मामले में लगाए गए आरोपों, स्कूल प्रबंधन के पक्ष और पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आना महत्वपूर्ण है। छात्राओं की शिकायत और मामले की जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही तथ्यों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।