धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: 19 प्रस्तावों पर लगी मुहर, होमस्टे नीति से लेकर स्वास्थ्य विभाग में बड़े बदलाव
देहरादून ( उत्तराखंड पोस्ट) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में कुल 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री सचिव शैलेश बगौली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट ने खेल, स्वास्थ्य, पर्यटन, ऊर्जा और ग्रामीण विकास समेत कई विभागों से जुड़े अहम निर्णय लिए।
खेल विभाग में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने खेल विभाग के अंतर्गत महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए 16 नए पदों के सृजन और नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इससे प्रदेश में महिला खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा निगमों के निदेशक मंडल में बदलाव
ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों के निदेशक मंडल में बदलाव के प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दी। इसके तहत कुछ सदस्यों को हटाने पर मुहर लगाई गई है।
अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के आवेदन प्रावधान मंजूर
उत्तराखंड शिक्षण अल्पसंख्यक प्राधिकरण के आवेदन प्रावधानों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। यह निर्णय अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से लिया गया है।
पर्यटन और होमस्टे नीति में बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने उत्तराखंड पर्यटन पंजीकरण नियमावली में संशोधन को स्वीकृति दी है। वहीं होमस्टे नीति में भी बड़ा बदलाव किया गया है।
अब होमस्टे में कमरों की सीमा 6 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है। इसके अलावा ऑनलाइन रिन्यूअल प्रक्रिया में भी राहत देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। माना जा रहा है कि इससे पर्यटन कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।
स्वास्थ्य विभाग में कई अहम फैसले
कैबिनेट बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए—
- फॉरेंसिक साइंस विभाग में 15 नए पदों के सृजन को मंजूरी।
- चिकित्सा शिक्षा निदेशालय का पुनर्गठन किया जाएगा।
- निदेशालय में पदों की संख्या 29 से बढ़ाकर 40 की गई।
- राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में वर्ष 2009 से कार्यरत 277 कर्मचारियों को “समान कार्य के लिए समान वेतन” का लाभ मिलेगा।
- लैब टेक्नीशियन संवर्ग के पुनर्गठन को मंजूरी।
- 266 मेडिकल लैब टेक्निकल ऑफिसर पद सृजित किए जाएंगे।
पर्वतीय क्षेत्रों में लागू होगी स्वैच्छिक चकबंदी
कैबिनेट ने पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू करने का फैसला लिया है। शुरुआती चरण में प्रत्येक जिले के 10 गांवों को शामिल किया जाएगा।
चकबंदी प्रक्रिया के लिए 75 प्रतिशत ग्रामीणों की सहमति अनिवार्य होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी और आपत्तियों के निस्तारण की व्यवस्था भी की जाएगी।
लघु जल विद्युत परियोजना नीति में संशोधन
कैबिनेट ने लघु जल विद्युत परियोजना नीति में बदलाव को भी मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत डेवलपर्स की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी शून्य कर दी गई है।
इसके अलावा पहले जहां डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जाती थी, अब उसकी जगह प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनाई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।