धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: एकल महिलाओं को आर्थिक सहारा, दिव्यांग छात्रों और खिलाड़ियों को राहत

 

देहरादून(उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जनकल्याण और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने निराश्रित महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को हरी झंडी दी है। वहीं, दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में पांच अंकों की छूट देने और मेधावी खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर की सुविधा देने का फैसला किया गया है।

बैठक में 7,412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा, ग्रामीण एवं शहरी बुनियादी ढांचे, खेल और पर्यटन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
 

एकल महिलाओं को आर्थिक मदद देने की तैयारी

राज्य सरकार ने निराश्रित और एकल महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को मंजूरी देकर सामाजिक सुरक्षा की दिशा में कदम बढ़ाया है। योजना का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना की पात्रता और सहायता राशि से संबंधित विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
 

दिव्यांग छात्रों और SC-ST विद्यार्थियों को फायदा

उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में दिव्यांग विद्यार्थियों को पांच अंकों की छूट मिलेगी। दूसरी ओर, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए निशुल्क कोचिंग योजना का दायरा बढ़ाया गया है। इसके लिए परिवार की वार्षिक आय की अधिकतम सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी गई है।
 

हरिद्वार को मिलेंगे दो नए निजी विश्वविद्यालय

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार के लिए हरिद्वार में आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएमएस विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे राज्य में उच्च शिक्षा के नए संस्थान विकसित करने का रास्ता साफ होगा।
 

खिलाड़ियों के लिए सरकार का बड़ा कदम

राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षकों की तैनाती की जाएगी, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने में मदद मिलेगी।
 

पर्यटन और विकास योजनाओं को भी मंजूरी

उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को नई दिशा देने के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी गई है। सड़क और पुल निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने का भी निर्णय हुआ है। अब दोनों कार्यों के लिए अलग-अलग मंजूरी की जगह एक ही स्वीकृति की व्यवस्था की जाएगी।

कैबिनेट के अन्य फैसले

  • 7,412 करोड़ का अनुपूरक बजट: आगामी विधानसभा सत्र में पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी।

  • उरेडा में बदलाव: विभागीय ढांचे का पुनर्गठन और कनिष्ठ अभियंता के पदों का उच्चीकरण।

  • बालिका विद्यालय: ऊधम सिंह नगर के राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को हाईस्कूल स्तर पर उच्चीकृत करने की मंजूरी।

  • प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड: समूह-ग और समूह-घ के कर्मचारियों की सेवा नियमावली स्वीकृत।

  • स्टांप विवाद: मामलों के निस्तारण के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी।

  • जनजातीय नाम में सुधार: सूची में 'जन्नासारी' के स्थान पर 'जौनसारी' करने के प्रस्ताव को स्वीकृति।

  • UCC में संशोधन: समान नागरिक संहिता के प्रावधानों में लिपिकीय त्रुटियां सुधारने की मंजूरी।

  • पीएम पोषण योजना: हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में केंद्रीय किचन बनाने के लिए अन्नामृत फाउंडेशन को भूमि आवंटन की मंजूरी।

  • विभागीय ढांचे में बदलाव: निदेशालय विभागीय लेखा और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के पुनर्गठन को स्वीकृति।

  • विधि संशोधन: उत्तराखंड विधि संशोधन विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने की मंजूरी।

  • मानवाधिकार आयोग: वर्ष 2019-22 की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखी जाएगी।

कैबिनेट के इन निर्णयों में सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, खेल सुविधाओं और पर्यटन विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ उनके क्रियान्वयन और संबंधित नियमों के लागू होने के बाद मिलेगा।