ज्योलीकोट में दूषित पानी पर धामी सरकार का बड़ा एक्शन, छह वरिष्ठ अभियंता निलंबित

 

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड के नैनीताल जिले के ज्योलीकोट में दूषित पेयजल आपूर्ति के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। जन स्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में उत्तराखंड जल संस्थान और पेयजल निगम के छह वरिष्ठ अभियंताओं को निलंबित किया गया है।

सरकार के मुताबिक, ज्योलीकोट में दूषित पेयजल की आपूर्ति को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई। इसे जन स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
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प्रशासनिक लापरवाही पर सरकार के सख्त तेवर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार भ्रष्टाचार, प्रशासनिक लापरवाही और जन समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश देते रहे हैं। सरकार की ओर से ‘सरलीकरण, समाधान और निस्तारण’ पर जोर दिया जा रहा है। सीएम हेल्पलाइन 1905 की नियमित समीक्षा के जरिए भी विभिन्न विभागों में लंबित शिकायतों और जन समस्याओं के समाधान की निगरानी की जा रही है। सरकार का कहना है कि जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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भूमि मामलों में भी कार्रवाई का दावा

धामी सरकार ने भूमि खरीद में कथित अनियमितताओं और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में भी कार्रवाई की है। सरकार के अनुसार, प्रदेशभर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर अब तक करीब 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है।
 

NEET-UG फर्जी प्रमाणपत्र मामले में भी कार्रवाई

ज्योलीकोट प्रकरण से एक दिन पहले सरकार ने NEET-UG 2026 की राज्य केंद्रीयकृत काउंसलिंग में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रवेश लेने के मामले में भी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब तक आठ अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं और उनकी प्रवेश प्रक्रिया भी रद्द कर दी गई है। सरकार का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही, भ्रष्टाचार और जनहित से जुड़े मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।