उत्तराखंड में अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ी जिलों में भूस्खलन का खतरा बढ़ा
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के प्रभाव से उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।
देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में अगले दो दिनों (7 और 8 जुलाई) के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के प्रभाव से उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मौसम संबंधी चेतावनी
— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 5, 2026
मुख्य बिंदु
(i) उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी एवं उससे सटे उत्तर ओडिशा–पश्चिम बंगाल के तटों के ऊपर एक अवदाब (Depression) बना है।
(ii) छत्तीसगढ़ और मध्य महाराष्ट्र में 5 और 6 जुलाई को; ओडिशा में 5 जुलाई को; कोंकण-गोवा और गुजरात क्षेत्र में 5 से 7 जुलाई के बीच;… pic.twitter.com/Pcz1xsaouP
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं देहरादून, टिहरी और पौड़ी के कुछ इलाकों में भी तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
IMD ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़क बाधित होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की यह सक्रियता आगामी दिनों में भी बनी रह सकती है, जिससे उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।