मुख्य सचिव का कड़ा रुख: 2034 नहीं, अब 2031 तक हर हाल में पूरी होगी लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना
जल विद्युत निगम (UJVNL) ने पहले इसे दिसंबर 2034 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा था, जिसे मुख्य सचिव ने बदलकर वर्ष 2031 कर दिया है। उन्होंने कार्यदायी संस्था एलएंडटी (L&T) और उत्तराखंड जल विद्युत निगम को हर हाल में 2031 तक काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
देहरादून (Uttarakhand Post): उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को राष्ट्रीय महत्व की लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। परियोजना की कछुआ चाल पर नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव ने इसके पूरा होने की समय-सीमा (डेडलाइन) को तीन साल घटा दिया है।
जल विद्युत निगम (UJVNL) ने पहले इसे दिसंबर 2034 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा था, जिसे मुख्य सचिव ने बदलकर वर्ष 2031 कर दिया है। उन्होंने कार्यदायी संस्था एलएंडटी (L&T) और उत्तराखंड जल विद्युत निगम को हर हाल में 2031 तक काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव के प्रमुख निर्देश:
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मैनपावर और मशीनें बढ़ाएं: काम की रफ्तार तेज करने के लिए साइट पर तत्काल आधुनिक मशीनें और मानव संसाधन (मैनपावर) बढ़ाने को कहा गया है।
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2-3 दिन में दें एक्शन प्लान: मुख्य सचिव ने संबंधित संस्थाओं को अगले 2 से 3 दिनों के भीतर काम को समय पर पूरा करने का पूरा प्लान सौंपने का अल्टीमेटम दिया है।
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PERT चार्ट और दैनिक समीक्षा: निर्माण कार्य की हर दिन की प्रगति पर नजर रखने के लिए 'पर्ट चार्ट' (PERT Chart) बनाने और उसका शत-प्रतिशत पालन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारी मौके पर रहकर दैनिक, पाक्षिक और मासिक रूप से इसकी समीक्षा करेंगे।
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मुआवजा वितरण में तेजी: परियोजना से प्रभावित लोगों की भूमि के मुआवजे का वितरण जल्द से जल्द करने और प्रभावितों से लगातार संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए ताकि कोई बाधा न आए।
"गुणवत्ता और समयबद्धता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। केंद्रीय जल आयोग (CWA) द्वारा अपेक्षित सभी तकनीकी परीक्षणों को विशेषज्ञ जल्द से जल्द पूरा करें ताकि सुरक्षा और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।" — आनन्द बर्द्धन, मुख्य सचिव
कई राज्यों को मिलेगा फायदा
लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना एक राष्ट्रीय परियोजना है, जिससे उत्तराखंड के साथ-साथ देश के कई अन्य राज्यों को भी जल और बिजली की आपूर्ति होगी। यही वजह है कि सरकार इसे तय समय से पहले पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, यूजेवीएनएल के एमडीए. के. सिंह, एलएंडटी के महाप्रबंधक प्रभु कुमार और प्रोजेक्ट मैनेजर विष्णु मोहन श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।