उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में एवलांच का खतरा, पांच जिलों में अलर्ट जारी
उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी के चलते हिमस्खलन (एवलांच) का खतरा बढ़ गया है। डिफेंस जियोइन्फॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (DGRE), चंडीगढ़ की ओर से 24 जनवरी को शाम 5 बजे तक के लिए एवलांच अलर्ट जारी किया गया है।
देहरादून ( उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी के चलते हिमस्खलन (एवलांच) का खतरा बढ़ गया है। डिफेंस जियोइन्फॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (DGRE), चंडीगढ़ की ओर से 24 जनवरी को शाम 5 बजे तक के लिए एवलांच अलर्ट जारी किया गया है।
एवलांच वार्निंग बुलेटिन (AWB) के अनुसार राज्य के पांच जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन की आशंका जताई गई है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों को डेंजर लेवल-3 श्रेणी में रखा गया है, जबकि बागेश्वर जिले में डेंजर लेवल-2 का अलर्ट जारी किया गया है।
अलर्ट के मुताबिक खतरा मुख्य रूप से 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बना हुआ है। इन इलाकों में भारी बर्फबारी की स्थिति में हिमस्खलन और बर्फीले तूफान की घटनाएं हो सकती हैं, जिससे जान-माल के नुकसान की आशंका बढ़ जाती है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से संबंधित जिलों के जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और अन्य रेखीय विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
प्रशासन ने ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों, यात्रियों और पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और मौसम विभाग व संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
विशेषज्ञों के अनुसार भारी हिमपात के बाद ढलानों पर जमा बर्फ कभी भी खिसक सकती है, जिससे गंभीर हादसे हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन और आमजन दोनों के लिए सतर्कता अत्यंत आवश्यक है।