उत्तराखंड में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट; अस्पतालों को दिए ये निर्देश
देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट)उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। राज्य स्तर से जारी एडवाइजरी के बाद सभी संबंधित अस्पतालों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पतालों में आइसोलेशन बेड चिह्नित करने के साथ ही फ्लू के मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने को कहा गया है।
अस्पतालों में दवाइयों से लेकर पीपीई किट तक की व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाइयां, मास्क, सैनिटाइजर और पीपीई किट उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त चिकित्सा सामग्री की खरीद भी की जा रही है, ताकि मरीजों के इलाज में किसी तरह की परेशानी न हो।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में मौजूदा स्थिति को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और अस्पतालों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा जा रहा है।
बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सावधानी की जरूरत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार स्वाइन फ्लू का संक्रमण कुछ लोगों के लिए अधिक गंभीर हो सकता है। बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी या अन्य को-मॉर्बिडिटी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
वहीं, सामने आ रहे अधिकांश मामलों में संक्रमण हल्का बताया जा रहा है और मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो रहे हैं। हालांकि, लक्षण गंभीर होने पर बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से श्वसन संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। इसके लिए:
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाते समय मास्क का इस्तेमाल करें।
- सर्दी, जुकाम या बुखार जैसे लक्षण होने पर घर पर रहें।
- खांसते या छींकते समय रुमाल या टिश्यू का इस्तेमाल करें।
- खुले में थूकने से बचें।
- नियमित रूप से हाथों को साबुन से धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
- संक्रमण के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
कोरोना काल वाली सावधानियां अब भी कारगर
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक कोरोना काल में अपनाई गई सावधानियां स्वाइन फ्लू और अन्य श्वसन संक्रमणों से बचाव में भी प्रभावी हैं। हाथों की नियमित सफाई, मास्क का इस्तेमाल और संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद कर सकता है।
जांच बढ़ने से सामने आ रहे अधिक मामले
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जांच की सुविधा बढ़ने के कारण अब सामान्य सर्दी-जुकाम और बुखार जैसे मामलों की भी जांच की जा रही है। इसके चलते संक्रमित मरीजों की पहचान पहले की तुलना में अधिक संख्या में हो रही है।
विभाग का कहना है कि अधिक जांच का उद्देश्य संक्रमण की समय रहते पहचान करना, मरीजों को उचित उपचार उपलब्ध कराना और संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करना है।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा- घबराएं नहीं, सतर्क रहें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्क रहने की अपील की है, लेकिन अफवाहों पर ध्यान न देने और पैनिक की स्थिति पैदा न करने को कहा है। विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।