उत्तराखंड-  मां ने डेढ़ लाख में किया 15 वर्षीय बेटी का सौदा, अपहरण की झूठी कहानी रचकर दर्ज कराई FIR

देहरादून में पुलिस ने 15 वर्षीय नाबालिग के कथित अपहरण मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बच्ची की मां ने ही उसे डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया था

देहरादून मेपुलिस ने 15 वर्षीय नाबालिग के कथित अपहरण मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बच्ची की मां ने ही उसे डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया था

 

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मानव तस्करी से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

 

 

पुलिस ने 15 वर्षीय नाबालिग के कथित अपहरण मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बच्ची की मां ने ही उसे डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया था। सौदे की पूरी रकम नहीं मिलने और मामला उजागर होने के डर से उसने बेटी के अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया।

जांच में खुली साजिश की परतें

पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई को थाना राजपुर में एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नाबालिग उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में है। इसके बाद पुलिस टीम ने मुजफ्फरनगर में दबिश देकर नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया और दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

डेढ़ लाख में हुआ था सौदा

पूछताछ में सामने आया कि मेरठ निवासी लवी कुमार ने पिंकी मलिक के माध्यम से नाबालिग को उसकी मां नीलम देवी से 1.5 लाख रुपये में खरीदा था। इसके बाद लवी कुमार ने शादी कराने के उद्देश्य से नाबालिग को मुजफ्फरनगर निवासी मनीष को 2 लाख रुपये में बेच दिया।

पुलिस के मुताबिक, नीलम देवी को सौदे की पूरी रकम नहीं मिली थी। वहीं, उसे अपने अपराध के सामने आने का भी डर था। इसी वजह से उसने बेटी के अपहरण की झूठी कहानी बनाकर पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी।

चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—

  • नीलम देवी (मां), निवासी सहस्त्रधारा रोड, देहरादून
  • पिंकी मलिक, निवासी मुजफ्फरनगर
  • मनीष, निवासी मुजफ्फरनगर
  • लवी कुमार, निवासी मेरठ

मानव तस्करी के एंगल से भी जांच

पुलिस अब इस पूरे मामले की मानव तस्करी के एंगल से भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी पहले भी नाबालिगों की खरीद-फरोख्त या मानव तस्करी जैसे मामलों में शामिल रहे हैं या नहीं। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।