उत्तराखंड | न पर्ची, न खर्ची: धामी राज में 34,000 युवाओं को मिली 'पारदर्शी' नौकरी
सीएम धामी ने सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता का दावा करते हुए कहा कि राज्य में अब तक 34,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि इन सभी भर्तियों में न तो कोई 'पर्ची' (सिफारिश) चली है और न ही कोई 'खर्ची' (रिश्वत).
देहरादून (Uttarakhand Post) देहरादून में आयोजित 'युवा अग्निवीर संवाद' कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार के कामकाज और युवाओं के लिए किए गए प्रयासों को रेखांकित किया।
बिना 'पर्ची-खर्ची' मिलीं 34,000 सरकारी नौकरियां
सीएम धामी ने सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता का दावा करते हुए कहा कि राज्य में अब तक 34,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि इन सभी भर्तियों में न तो कोई 'पर्ची' (सिफारिश) चली है और न ही कोई 'खर्ची' (रिश्वत).
नकल माफिया पर कड़ा प्रहार और अन्य उपलब्धियां
जब सीएम धामी से उनके कार्यकाल के पांच सबसे बड़े कामों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि सरकार ने सैकड़ों कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं. उन्होंने कुछ प्रमुख उपलब्धियों का विशेष रूप से उल्लेख किया:
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सख्त नकल विरोधी कानून: भर्ती परीक्षाओं में शुचिता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा माफियाओं पर बेहद सख्त कार्रवाई की गई है.
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समान नागरिक संहिता (UCC): उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बना जिसने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए समान नागरिक संहिता लागू की.
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पलायन पर रोक: युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम के रूप में अब युवा वापस लौट रहे हैं.
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महिला सशक्तिकरण: दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में रहने वाली महिलाओं को उज्ज्वला योजना, हर घर शौचालय और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर सशक्त बनाया जा रहा है.
"हमारा काम निरंतर चलता रहेगा। जब तक राज्य के विकास का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक नहीं पहुंच जाता, हम चैन से नहीं बैठेंगे।" — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)
सीएम ने अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन को दोहराया कि "यह सदी उत्तराखंड की सदी होगी" और सरकार राज्य को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है.