वेणुगोपाल का CM धामी पर वार, "भ्रष्टाचार में डूबी है सरकार, जनता बदलने को तैयार"

वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी के भीतर कोई बड़ी गुटबाजी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सत्ता पक्ष के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश है और लोग इस बार सरकार बदलने का मन बना चुके हैं।
 

देहरादून (Uttarakhand Post) कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के दौरान देहरादून में मीडिया से बात करते हुए उत्तराखंड कांग्रेस में आंतरिक कलह और गुटबाजी की चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया कि उत्तराखंड कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और सभी नेता मिलकर आगामी चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें

  • एकजुटता पर जोर: वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी के भीतर कोई बड़ी गुटबाजी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सत्ता पक्ष के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश है और लोग इस बार सरकार बदलने का मन बना चुके हैं।

  • जनता के बीच जाएगी कांग्रेस: चुनाव से पहले पार्टी सीधे जनता से संपर्क साधेगी। इसके लिए 'मेनिफेस्टो कमेटी' (घोषणापत्र समिति) हर वर्ग के लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और सुझावों को शामिल करेगी।

  • भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप: राष्ट्रीय महासचिव ने राज्य सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि उत्तराखंड में खुद मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं और सरकार के कई मंत्री व विधायक इसमें लिप्त हैं।

मंदिर परिसरों में चोरी और सुरक्षा का मुद्दा उठायाछ केसी वेणुगोपाल ने धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला-

"केसी वेणुगोपाल ने कहा, कि राम के नाम पर राजनीति करने वाले लोग अब मंदिरों के चढ़ावे की चोरी पर भी मौन बैठे हैं।"

  • बदरीनाथ धाम में हेराफेरी: उन्होंने बदरीनाथ में चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि इस मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है?

  • अयोध्या राम मंदिर का मामला: अयोध्या धाम में सामने आए चोरी और हेराफेरी के मामलों पर उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी ने राम मंदिर ट्रस्ट का गठन तो किया, लेकिन इस चोरी पर आज वे चुप हैं।

प्रेस वार्ता से पहले केसी वेणुगोपाल ने जिला और महानगर अध्यक्षों के साथ एक अहम बैठक भी की, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा कि चुनाव में जीत हासिल करने के लिए संगठन में अनुशासन और आपसी एकजुटता सबसे ज्यादा जरूरी है।