MSME सेक्टर में करियर बनाने का मौका, आवेदन शुरू, जानें योग्यता, फीस और पूरी डिटेल

 

 

 

ICAI Corporate Mitra Program 2026 (उत्तराखंड पोस्ट) अकाउंटिंग, टैक्सेशन और फाइनेंस के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर है। भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) ने Corporate Mitra Program 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक उम्मीदवार 15 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
 

इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित पैरा-प्रोफेशनल तैयार करना है, जो देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को अकाउंटिंग, टैक्सेशन, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और विभिन्न नियामकीय अनुपालनों (Compliance) में सहायता प्रदान कर सकें। <a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/64EBbZq5Swo?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/64EBbZq5Swo/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">
 

बजट घोषणा के बाद शुरू हुई पहल

कॉर्पोरेट मित्र कार्यक्रम की घोषणा केंद्रीय बजट में की गई थी। इसके तहत सरकार ने ICAI, ICSI और ICMAI को मिलकर MSME सेक्टर के लिए प्रशिक्षित प्रोफेशनल तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसी पहल के तहत ICAI ने IIT Madras के सहयोग से यह कोर्स SWAYAM Plus प्लेटफॉर्म पर शुरू किया है।
 

कौन कर सकता है आवेदन?

इस कार्यक्रम के लिए भारत का कोई भी नागरिक आवेदन कर सकता है, जिसने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) किया हो। ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष के छात्र भी आवेदन करने के पात्र हैं, हालांकि उन्हें प्रमाणपत्र डिग्री पूरी होने के बाद ही मिलेगा।
<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/v96Z8U4qfjA?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/v96Z8U4qfjA/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

योग्यता और आयु सीमा

  • किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन।

  • अंतिम वर्ष के छात्र भी पात्र।

  • आयु 20 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
     

कितनी है फीस?

कॉर्पोरेट मित्र कोर्स SWAYAM Plus प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है। इसके लिए 3,000 रुपये का पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से देना होगा।
 

150 घंटे की पढ़ाई और 6 महीने की ट्रेनिंग

यह कार्यक्रम IITM Pravartak के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इसमें कुल 150 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसे NCrF Level 5.5 के तहत क्रेडिट योग्य बनाया गया है।

कोर्स पूरा करने के बाद उम्मीदवारों को 6 महीने की ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) करनी होगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अंतिम मूल्यांकन और प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
 

कोर्स में क्या-क्या पढ़ाया जाएगा?

कॉर्पोरेट मित्र कार्यक्रम को छह प्रमुख मॉड्यूल में विभाजित किया गया है, जिनमें शामिल हैं—

  • अकाउंटिंग

  • टैक्सेशन

  • बैंकिंग

  • फाइनेंशियल मैनेजमेंट

  • लीगल एंड सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस

  • कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग

अकाउंटिंग मॉड्यूल में जर्नल, लेजर, ट्रायल बैलेंस, बैंक रिकंसिलिएशन, प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट, बैलेंस शीट और कैश फ्लो स्टेटमेंट तैयार करना सिखाया जाएगा। साथ ही MS Excel और Tally जैसे डिजिटल टूल्स का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

टैक्सेशन मॉड्यूल में इनकम टैक्स, टैक्स रिटर्न फाइलिंग, TDS, TCS, एडवांस टैक्स और GST से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी।

बैंकिंग मॉड्यूल के तहत MSME बैंकिंग सिस्टम, क्रेडिट आवश्यकताओं, डिजिटल बैंकिंग और फिनटेक से जुड़े विषय शामिल होंगे।

फाइनेंशियल मैनेजमेंट में वित्तीय विवरणों का विश्लेषण, वर्किंग कैपिटल और आवश्यक वित्तीय दस्तावेजों की समझ विकसित की जाएगी।

लीगल एंड सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस में कंपनी कानून, MSME रजिस्ट्रेशन, लेबर कोड, बोर्ड मीटिंग, AGM, SEBI नियम और MSME ऑनलाइन डिस्प्यूट रेजोल्यूशन पोर्टल की जानकारी दी जाएगी।

वहीं कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग में कॉस्टिंग, बजटरी कंट्रोल और स्टैंडर्ड कॉस्टिंग जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे।

ऐसे होगा मूल्यांकन

कोर्स और छह महीने की ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उम्मीदवारों का मूल्यांकन सेंटर आधारित MCQ परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। इस परीक्षा का आयोजन ICAI, ICSI और ICMAI संयुक्त रूप से करेंगे।

परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को SWAYAM Plus की ओर से वेरिफायबल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। वहीं जो उम्मीदवार परीक्षा में सफल नहीं होंगे, उन्हें दोबारा पूरे कार्यक्रम के लिए नया पंजीकरण कर शुल्क जमा करना होगा, क्योंकि एक ही मूल्यांकन के लिए पुनः परीक्षा देने की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी.