छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी! सरकार ने बढ़ाया स्कॉलरशिप का दायरा

 

दिल्ली(उत्तराखंड पोस्ट) केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा और रिसर्च करने वाले छात्रों को आर्थिक सहायता देने के लिए छात्रवृत्ति और फेलोशिप योजनाओं का दायरा बढ़ाया है। सरकार के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में पोस्ट मैट्रिक और उच्च शिक्षा के लिए करीब 1.09 करोड़ छात्रवृत्तियां प्रदान की जा रही हैं। इनमें OBC, EBC, DNT/DT, SC और ST वर्ग के छात्रों के लिए संचालित विभिन्न योजनाएं शामिल हैं।शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में सरकार की ओर से संचालित छात्रवृत्ति और फेलोशिप योजनाओं से जुड़ी जानकारी साझा की।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/gsnaAfhcHE8?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/gsnaAfhcHE8/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

OBC, EBC और DT छात्रों के लिए करीब 36 लाख छात्रवृत्तियां

सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EBC) और विमुक्त-घुमंतू जनजातियों (DT/DNT) के छात्रों के लिए करीब 36 लाख छात्रवृत्तियां दी गई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा जारी रखने में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

SC छात्रों को करीब 48 लाख छात्रवृत्तियां

अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के छात्रों के लिए करीब 48 लाख छात्रवृत्तियां प्रदान की गई हैं। यह सहायता पोस्ट मैट्रिक और उच्च शिक्षा से जुड़ी पढ़ाई के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।वहीं, अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्रों के लिए करीब 24 लाख छात्रवृत्तियां दी गई हैं। OBC, EBC, DT, SC और ST वर्ग के छात्रों को मिलाकर वित्त वर्ष 2025-26 में पोस्ट मैट्रिक और उच्च शिक्षा के लिए करीब 1.09 करोड़ छात्रवृत्तियों का आंकड़ा सामने आया है।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/TvK3T7S_Vdk?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/TvK3T7S_Vdk/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

UGC की नेशनल स्कॉलरशिप फॉर पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज

उच्च शिक्षा के छात्रों के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने शैक्षणिक वर्ष 2023-24 में नेशनल स्कॉलरशिप फॉर पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज (NSPGS) शुरू की थी।

इस योजना के तहत पहले से संचालित चार अलग-अलग छात्रवृत्ति योजनाओं को मिलाकर एक योजना बनाई गई। इसमें सिंगल गर्ल चाइल्ड, पीजी यूनिवर्सिटी रैंक होल्डर्स, प्रोफेशनल कोर्स करने वाले SC/ST छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और GATE/GPAT के आधार पर दी जाने वाली पोस्ट ग्रेजुएट स्कॉलरशिप को शामिल किया गया है।

हर महीने 15 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता

NSPGS के तहत पात्र छात्रों को शैक्षणिक वर्ष में 10 महीने तक हर महीने 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इससे पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे पात्र छात्रों को शिक्षा से जुड़े खर्चों में मदद मिलती है।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/xdLgJqHM2oA?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/xdLgJqHM2oA/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए भी फेलोशिप

UGC की ओर से उच्च शिक्षा और रिसर्च करने वाली सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए भी फेलोशिप योजना संचालित की जा रही है।

सावित्रीबाई ज्योतिबा फुले पोस्ट ग्रेजुएट फेलोशिप फॉर सिंगल गर्ल चाइल्ड सितंबर 2022 में शुरू की गई थी। इसने पहले संचालित स्वामी विवेकानंद सिंगल गर्ल चाइल्ड फेलोशिप का स्थान लिया। इस योजना के तहत पात्र सिंगल गर्ल चाइल्ड को देश में रहकर उच्च शिक्षा और रिसर्च जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। फेलोशिप के तहत दो साल तक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में पहुंच रही राशि

सरकार के अनुसार, छात्रवृत्ति और फेलोशिप की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे भेजी जा रही है। इससे आर्थिक सहायता सीधे पात्र छात्रों तक पहुंचती है और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ती है। सरकार ने बताया कि छात्रवृत्ति और फेलोशिप राशि के समय पर वितरण और उसके उपयोग की निगरानी के लिए SNA-SPARSH प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह प्लेटफॉर्म फंड की रियल-टाइम और उपयोग आधारित ट्रैकिंग में मदद करता है।

छात्रों के लिए क्या है फायदा?

सरकार की इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और विभिन्न सामाजिक वर्गों से आने वाले छात्रों को उच्च शिक्षा एवं रिसर्च जारी रखने में वित्तीय सहायता देना है। छात्रवृत्ति और फेलोशिप की राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचने से छात्रों को पढ़ाई से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिलती है।