पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग का भाजपा सांसद निशिकांत दुबे पर बड़ा हमला: 'ब्लैकमेलिंग किस्म के इंसान', LIC और PMO से जुड़े किए कई खुलासे
दिल्ली(उत्तराखंड पोस्ट) पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने शालिनी कपूर तिवारी के पॉडकास्ट इंटरव्यू में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे पर कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। गर्ग ने निशिकांत दुबे के दावों और सोशल मीडिया पोस्ट्स का जवाब देते हुए उन्हें 'ब्लैकमेलिंग किस्म का आदमी' करार दिया और उनके साथ हुए कई वाकयों का ब्योरा साझा किया।
1. 'LIC चेयरमैन से काम कराने की सिफारिश लेकर आए थे'
सुभाष गर्ग ने खुलासा किया कि निशिकांत दुबे एक बार व्यक्तिगत रूप से उनके पास पहुंचे थे। गर्ग के अनुसार, दुबे ने उनसे कहा था कि वे एलआईसी (LIC) के चेयरमैन से बोलकर उनका कोई रुका हुआ काम निपटा दें। इसी घटना का जिक्र करते हुए गर्ग ने दुबे को 'ब्लैकमेलिंग किस्म का आदमी' बताया।
2. संसदीय समिति के जवाब पर PMO में शिकायत दर्ज कराने का वाकया
पूर्व वित्त सचिव ने एक संसदीय समिति (Parliamentary Committee) की बैठक का जिक्र करते हुए बताया कि जब वे सचिव पद पर कार्यरत थे, तब समिति ने उनसे एक योजना के क्रियान्वयन में हुई देरी पर सवाल पूछा था। गर्ग ने ईमानदारी से जवाब दिया कि निर्णय में देरी होने की वजह से फिलहाल योजना के लिए अलग से 'लाइन आइटम' नहीं बनाया जा सका है।
गर्ग ने बताया कि बैठक खत्म कर जब वे अपने दफ्तर पहुंचे, तो महज 10 मिनट के भीतर पीएमओ (PMO) से नृपेंद्र मिश्रा का फोन आ गया। मिश्रा ने उन्हें बताया कि निशिकांत दुबे ने पीएमओ में जाकर शिकायत की है कि सचिव ने संसदीय समिति के सामने यह कह दिया कि सरकार फैसलों में देरी करती है।
3. 'रातोंरात हटाए जाने' के ट्वीट पर पलटवार
निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर दावा किया था कि गर्ग को अज्ञानता के कारण वित्त सचिव के पद से रातोंरात हटा दिया गया था। इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए गर्ग ने कहा कि निशिकांत दुबे की बातों, चेतावनियों या उनकी लिखी चिट्ठियों को सरकार में कोई भी 1% भी गंभीरता से नहीं लेता है