'माफिया से यारी तो कुर्सी से दूरी', सीएम योगी ने सेट किया 2027 चुनाव का एजेंडा
लखनऊ (Uttarakhand Post) साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सूबे की सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 'पंचायत आज तक' कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था और सुशासन के मुद्दे पर विपक्ष को तीखा संदेश दिया है।
मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता उन राजनीतिक ताकतों को पूरी तरह नकार देगी जो माफियाओं और अपराधियों के प्रति सहानुभूति रखती हैं।
अपराध पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति रहेगी जारी
अपराध के खिलाफ अपनी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को दोहराते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब उस दौर से बाहर निकल चुका है जब यहां गुंडाराज का बोलबाला था। उन्होंने नाम लिए बिना विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दलों ने हमेशा उन तत्वों को संरक्षण दिया जिन्होंने जनता की सुरक्षा को खतरे में डाला और राज्य के विकास को रोका।
"जो लोग माफियाओं को हमदर्दी की नजर से देखते हैं या उन्हें बचाने की कोशिश करते हैं, उनके लिए उत्तर प्रदेश के भविष्य में कोई जगह नहीं है। जनता भली-भांति जानती है कि कौन अपराधियों के साथ खड़ा था और कौन आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए लड़ रहा था।" — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
विपक्ष के दावों पर पलटवार
लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस गठबंधन साल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए लगातार जमीन तैयार करने में जुटे हैं। विपक्ष के इसी नैरेटिव (विमर्श) पर पलटवार करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मतदाता जातिवादी राजनीति या तुष्टीकरण के बजाय निरंतर विकास, युवाओं के रोजगार और मजबूत कानून-व्यवस्था को चुनेंगे।
2027 चुनाव में 'विकास और सुरक्षा' ही मुख्य मुद्दा
अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' जैसी योजनाओं के जरिए यूपी तेजी से उद्योगों और स्टार्टअप्स का हब बन रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में अपराध मुक्त माहौल ही इस आर्थिक बदलाव की बुनियाद है, और 2027 के चुनाव में सुरक्षा ही सबसे बड़ा पैमाना होगी।