International Chess Day 2026: Chess खेलने से बच्चों का IQ बढ़ता है? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

 

 

 

International Chess Day 2026( उत्तराखंड पोस्ट) हर साल 20 जुलाई को International Chess Day मनाया जाता है। शतरंज (Chess) को दुनिया के सबसे बुद्धिमान खेलों में गिना जाता है। यही वजह है कि अक्सर यह माना जाता है कि Chess खेलने से बच्चों का दिमाग तेज होता है और उनकी सोचने-समझने की क्षमता बेहतर बनती है। लेकिन क्या वास्तव में सिर्फ Chess खेलने से ही बच्चे की बुद्धि का विकास हो जाता है? आइए जानते हैं विशेषज्ञों की राय।

1. सोचने और सही फैसला लेने की क्षमता होती है मजबूत

Chess ऐसा खेल है जिसमें हर चाल सोच-समझकर चलनी पड़ती है। खिलाड़ी को अपनी अगली चाल के साथ-साथ सामने वाले की संभावित रणनीति का भी अनुमान लगाना होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे बच्चों में तार्किक सोच (Logical Thinking) विकसित होती है और वे जल्दबाजी में निर्णय लेने की बजाय परिस्थितियों का विश्लेषण करना सीखते हैं। <a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/WVLs922NirY?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/WVLs922NirY/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

2. एकाग्रता बढ़ाने में मिल सकती है मदद

Chess के दौरान खिलाड़ी का पूरा ध्यान खेल पर केंद्रित रहता है। थोड़ी-सी भी लापरवाही खेल का रुख बदल सकती है। यही कारण है कि नियमित रूप से Chess खेलने वाले बच्चों में फोकस और एकाग्रता बेहतर हो सकती है। इसका सकारात्मक असर पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में भी देखने को मिल सकता है।

3. याददाश्त और सीखने की क्षमता हो सकती है बेहतर

Chess में अलग-अलग चालें, रणनीतियां और नियम याद रखने पड़ते हैं। इससे दिमाग लगातार सक्रिय रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बच्चों की याददाश्त मजबूत हो सकती है और नई चीजें सीखने की क्षमता भी बेहतर बन सकती है। <a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/PitEuTVcTbc?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/PitEuTVcTbc/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

4. धैर्य और संयम सिखाता है Chess

शतरंज ऐसा खेल नहीं है जिसे जल्दबाजी में जीता जा सके। इसमें सही समय का इंतजार करना और हर कदम सोच-समझकर उठाना जरूरी होता है। नियमित अभ्यास से बच्चों में धैर्य, आत्म-नियंत्रण और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की आदत विकसित हो सकती है।

5. हार और जीत, दोनों से मिलती है सीख

Chess में हर मुकाबला जीतना संभव नहीं होता। हार मिलने पर खिलाड़ी अपनी गलतियों का विश्लेषण करता है और अगली बार बेहतर रणनीति बनाने की कोशिश करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह आदत बच्चों में आत्मविश्लेषण, समस्या समाधान और चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास बढ़ा सकती है। <a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/_qucvpIFuL8?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/_qucvpIFuL8/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

क्या सिर्फ Chess खेलने से ही दिमाग तेज हो जाता है?

विशेषज्ञों का कहना है कि Chess बच्चों के मानसिक विकास में मददगार हो सकता है, लेकिन यह अकेले पर्याप्त नहीं है। बच्चे के संपूर्ण मस्तिष्क विकास के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि, पढ़ाई और स्वस्थ दिनचर्या भी उतनी ही जरूरी है। जब ये सभी चीजें साथ मिलती हैं, तभी बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर तरीके से होता है।

निष्कर्ष

Chess बच्चों में एकाग्रता, तार्किक सोच, धैर्य, याददाश्त और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, इसे किसी जादुई उपाय की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। बेहतर मानसिक विकास के लिए Chess के साथ स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित दिनचर्या अपनाना भी बेहद जरूरी है।