कांग्रेस में बड़े बदलाव की तैयारी, 4 महासचिवों समेत कई नेताओं की हो सकती है छुट्टी

कांग्रेस संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक स्तर पर व्यापक बदलाव किए जा सकते हैं। इस क्रम में चार महासचिवों, कई प्रदेश प्रभारियों और दर्जनों राष्ट्रीय सचिवों की जिम्मेदारियों में बदलाव की संभावना है।
 

नई दिल्ली (उतराखंड पोस्ट) सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस करीब चार महासचिवों को हटाने पर विचार कर रही है। इसके अलावा 6 से 7 राज्यों के प्रदेश प्रभारियों को बदला जा सकता है, जबकि 26 राष्ट्रीय सचिवों की भी छुट्टी हो सकती है। वर्तमान में पार्टी में 62 राष्ट्रीय सचिव कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि हरियाणा प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद, महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला, छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडंकर और राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के प्रभार में बदलाव हो सकता है।

 

बी.के. हरिप्रसाद को हाल ही में कर्नाटक कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जिसके बाद हरियाणा के लिए नए प्रभारी की नियुक्ति की संभावना बढ़ गई है। वहीं, केरल में कांग्रेस सरकार बनने के बाद रमेश चेन्निथला के मंत्री बनने से महाराष्ट्र में भी नए प्रभारी की तलाश शुरू हो सकती है।

इसी तरह, केरल कांग्रेस अध्यक्ष सन्नी जोसेफ के मंत्री बनने के बाद संगठन में उनकी भूमिका को लेकर भी बदलाव की चर्चा है। तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडंकर को गोवा कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद एआईसीसी में उनके स्थान पर नए चेहरे को जिम्मेदारी मिल सकती है।

इन राज्यों में बदल सकते हैं प्रदेश अध्यक्ष

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बदले जा सकते हैं। खासकर पंजाब और उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन को मजबूत करने और गुटबाजी पर नियंत्रण पाने के लिए नए नेतृत्व को मौका दिया जा सकता है।

पार्टी नेतृत्व का मानना है कि संगठनात्मक बदलावों के जरिए चुनावी राज्यों में कांग्रेस की पकड़ मजबूत की जा सकती है और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा किया जा सकता है।