बैंक खाते में दिखे ₹1,500 करोड़! कुछ मिनटों के लिए 'अरबपति' बना बिहार का परिवार
मुजफ्फरपुर, बिहार (Uttarakhdnd Post) बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग और उनका दिव्यांग बेटा सिर्फ कुछ मिनटों के लिए कागजों पर 'अरबपति' बन गए।
सकरा प्रखंड के थतिया सिहो गांव के रहने वाले 70 वर्षीय कामेश्वर मिश्र (जो स्वभाव से कवि भी हैं), रविवार को अपने बेटे के साथ ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) पर सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली ₹1,100 की वृद्धावस्था पेंशन निकालने पहुंचे थे।
पेंशन की राशि निकालने के बाद जब उन्होंने अपने खाते का बैलेंस चेक करवाया, तो कंप्यूटर स्क्रीन पर जो आंकड़ा उभरा उसे देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें फटी की फटी रह गईं।
स्क्रीन पर दिखे 7.59 अरब रुपये!
सीएसपी संचालक ने जब अकाउंट चेक किया तो कामेश्वर मिश्र के खाते में कुल ₹7,59,69,51,951 (यानी लगभग 7.59 अरब रुपये) का भारी-भरकम बैलेंस दिखाई दे रहा था। चौंकाने वाली बात यह थी कि जब उनके दिव्यांग बेटे के खाते की जांच की गई, तो उसमें भी लगभग इतनी ही विशाल धनराशि दिखाई दी। दोनों खातों को मिलाकर यह कुल रकम ₹1,500 करोड़ से भी ज्यादा बैठ रही थी।
पल भर में टूट गया अरबपति बनने का सपना
अचानक स्क्रीन पर इतने सारे अंकों को देखकर कामेश्वर मिश्र और सीएसपी संचालक करीब 10 मिनट तक नंबरों को गिनते रहे। अचानक मिली इस अकल्पनीय दौलत को देखकर बुजुर्ग के मन में पल भर के लिए कई सुनहरे सपने सज गए कि अब शायद जीवन की सारी आर्थिक तंगियां हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी।
हालांकि, उनकी यह खुशी और रोमांच ज्यादा देर नहीं टिक सका। जब सीएसपी संचालक ने कुछ मिनटों बाद सिस्टम को रीफ्रेश करके दोबारा बैलेंस चेक किया, तो खाते में सिर्फ उनकी सामान्य पेंशन वाली रकम ही दिखाई दी।
तकनीकी गड़बड़ी बनी वजह
शुरुआती जांच और बैंक अधिकारियों के मुताबिक, खातों में इतनी बड़ी रकम दिखने की वजह कोई वास्तविक ट्रांसफर नहीं, बल्कि बैंकिंग सिस्टम या सर्वर की एक तकनीकी खराबी (Technical Glitch) थी। हालांकि, कुछ ही मिनटों में टूटे इस 'अमीर' होने के सपने की चर्चा पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई और लोग इस अनोखे वाकये को जानने के लिए केंद्र पर जुटने लगे।