चमोली टनल हादसा: 7 मौतों से मचा हड़कंप, 3 श्रमिक अब भी लापता; टनल में पहुंचे CM धामी

 

चमोली (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड के चमोली जिले में विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में हुए दर्दनाक हादसे में सात श्रमिकों की मौत हो गई है, जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं। हादसे के बाद से सुरंग में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन की कई टीमें मौके पर मौजूद हैं और लापता श्रमिकों की तलाश की जा रही है।
<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/gsnaAfhcHE8?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/gsnaAfhcHE8/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

हादसा गुरुवार शाम करीब पौने सात बजे हुआ। बताया जा रहा है कि सुरंग के भीतर ग्रेविटी पर पैकिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान तेज धमाका हुआ और पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा सुरंग के अंदर भर गया। उस समय सुरंग में करीब 28 श्रमिक काम कर रहे थे।

सात श्रमिकों की मौत, तीन अब भी लापता

हादसे के बाद राहत-बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। अब तक सात श्रमिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं तीन श्रमिक अभी भी सुरंग के अंदर लापता हैं। हादसे में 12 अन्य श्रमिक घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना समेत कई एजेंसियां राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/TvK3T7S_Vdk?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/TvK3T7S_Vdk/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

टनल के अंदर पहुंचे सीएम धामी

हादसे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पीपलकोटी पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। सीएम धामी खुद टनल के अंदर पहुंचे और टीएचडीसी के अधिकारियों से हादसे तथा राहत-बचाव अभियान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों से भी मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही वे अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे और अभियान की प्रगति की जानकारी लेंगे।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/xdLgJqHM2oA?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/xdLgJqHM2oA/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के ज्यादातर श्रमिक

परियोजना में काम कर रहे अधिकांश श्रमिक बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हादसे के समय छह श्रमिक राहत-बचाव कार्य में भी जुट गए थे।

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के अंदर फंसे तीन लापता श्रमिकों तक पहुंचना है। बचाव दल मलबा हटाने और सुरंग को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। परिवारों को अब भी अपने प्रियजनों के सुरक्षित बाहर आने का इंतजार है।