बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी मामला: VIP दर्शन के नाम पर अवैध वसूली का आरोप!

जांच के दायरे में आए बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल पर अब यह आरोप लगा है कि उन्होंने मंदिर के नियमों को ताक पर रखकर श्रद्धालुओं से अवैध रूप से वीआईपी दर्शन शुल्क वसूला।

 

चमोली (Uttarakhand Post) विश्वप्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे की हेराफेरी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब वीआईपी (VIP) दर्शन के नाम पर अवैध वसूली का एक और बड़ा खुलासा हुआ है। इस नए मामले ने बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी - BKTC) की कार्यप्रणाली को एक बार फिर सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

जांच के दायरे में आए बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल पर अब यह आरोप लगा है कि उन्होंने मंदिर के नियमों को ताक पर रखकर श्रद्धालुओं से अवैध रूप से वीआईपी दर्शन शुल्क वसूला।

पुजारियों और हक-हकूकधारियों ने दर्ज कराई कड़ी आपत्ति

नियमों के मुताबिक, बदरीनाथ धाम में अलग-अलग पूजाओं की दरें तय करने या किसी भी प्रकार का शुल्क (Fee) लागू करने का अधिकार केवल बीकेटीसी बोर्ड के पास सुरक्षित है। बोर्ड की मंजूरी के बिना कोई भी नया शुल्क नहीं लिया जा सकता।

प्रमोद नौटियाल द्वारा शुरू की गई इस मनमानी वीआईपी दर्शन व्यवस्था पर मंदिर के मूल पुजारियों और हक-हकूकधारियों ने भी अपनी तीखी आपत्ति दर्ज कराई थी। परंपरा और नियमों के खिलाफ जाकर पैसे वसूलने की इस शिकायत को अब विभाग की मुख्य जांच में भी शामिल कर लिया गया है।

बोर्ड बैठक में नहीं हुआ था कोई फैसला: बीकेटीसी उपाध्यक्ष

इस पूरे घटनाक्रम पर बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने साफ किया है कि वीआईपी दर्शन शुल्क वसूलने से संबंधित किसी भी प्रस्ताव पर समिति की बोर्ड बैठक में कोई चर्चा या निर्णय नहीं हुआ था। बोर्ड की बैठक में सिर्फ नियमित पूजा शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया गया था, न कि वीआईपी दर्शन के नाम पर अलग से पैसे लेने का।

एसआईटी (SIT) कर रही है मामले की जांच

बदरीनाथ धाम में लगातार सामने आ रही इन वित्तीय अनियमितताओं और चढ़ावा चोरी के आरोपों को देखते हुए शासन स्तर पर पहले ही एसआईटी (SIT) का गठन किया जा चुका है। जांच टीम मंदिर के स्पेशल काउंटिंग रूम और परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाल रही है। 

इस बीच, वीआईपी दर्शन के नाम पर हुई इस अवैध वसूली के खुलासे के बाद स्थानीय राजनीति भी गरमा गई है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।