चोरी रोकने का फुलप्रूफ प्लान: बदरीनाथ मंदिर में अब ऐसे होगी श्रद्धालुओं के दान की गिनती!

मंदिर समिति अब नोटों की गिनती करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक विशेष ड्रेस कोड तय करने जा रही है। गिनती के दौरान पहने जाने वाले इन वस्त्रों में कोई जेब (Pockets) नहीं होगी, ताकि किसी भी तरह की चोरी या हेराफेरी की गुंजाइश न बचे।
 

​​​​​​चमोली (Uttarakhand Post) भगवान बदरीनाथ के धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान में हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इस महा-घोटाले को रोकने के लिए बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा फैसला लिया है।

  • कड़े कदम: बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान में हेराफेरी (Donation Misappropriation) का मामला सामने आने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) बेहद सख्त हो गई है। समिति ने मंदिर के चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में बड़े और कड़े बदलाव किए हैं।

  • बिना जेब की पोशाक (Pocketless Dress Code): मंदिर समिति अब नोटों की गिनती करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक विशेष ड्रेस कोड तय करने जा रही है। गिनती के दौरान पहने जाने वाले इन वस्त्रों में कोई जेब (Pockets) नहीं होगी, ताकि किसी भी तरह की चोरी या हेराफेरी की गुंजाइश न बचे।

चढ़ावा गणना के लिए नए नियम:

  • सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई:

    • थाली भेंट और दान पेटियों की गणना वाले स्थान पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरों की संख्या 1 से बढ़ाकर 3 कर दी गई है। मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि इन कैमरों में पल-पल का रिकॉर्ड दर्ज होगा।

  • कर्मचारियों की अनिवार्य मौजूदगी और सामान पर रोक:

    • गड़बड़ी की आशंका को खत्म करने के लिए नोटों की गिनती के समय अब कम से कम 5 कर्मचारियों की मौजूदगी को अनिवार्य कर दिया गया है।

    • गणना स्थल पर तैनात स्टाफ अपने साथ कोई भी निजी सामान या मोबाइल अंदर नहीं ले जा सकेगा।

  • साधु-संतों और यात्रियों की तलाशी:

    • व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए गणना में सहयोग करने वाले साधु-संतों, स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को भी पहले अपनी तलाशी देनी होगी।

क्या था मामला?

इंटरनेट और सोशल मीडिया पर बदरीनाथ धाम के चढ़ावे में हेराफेरी से जुड़े आरोप और वीडियो सामने आए थे। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए बीकेटीसी (BKTC) ने आंतरिक जांच बैठाई और प्राथमिक जांच में दोषी पाए गए कर्मचारी (अध्यक्ष के पूर्व पीए प्रमोद नौटियाल) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है तथा पुलिस में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार ने भी इस मामले की जांच के लिए कमिश्नर की अध्यक्षता में एक हाईलेवल कमेटी का गठन किया है।