Haridwar Kanwar Yatra: डाक कांवड़ को लेकर प्रशासन अलर्ट,चप्पे-चप्पे पर होगी निगरानी
हरिद्वार(उत्तराखंड पोस्ट) कांवड़ यात्रा शुरू होने के साथ ही हरिद्वार में पुलिस और प्रशासन ने डाक कांवड़ को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा के दौरान आखिरी तीन दिन प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती माने जाते हैं। इसी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और निगरानी के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगी और इसका समापन महाशिवरात्रि के दिन जलाभिषेक के साथ होगा। यात्रा के अंतिम चरण में बड़ी संख्या में डाक कांवड़ियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
बैरागी कैंप और बैरागी द्वीप में खास इंतजाम
डाक कांवड़ की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरागी कैंप और बैरागी द्वीप क्षेत्र में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। पुलिस अधीक्षक नगर अभय सिंह ने बताया कि वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है, ताकि सड़क पर जाम और अव्यवस्था की स्थिति न बने। उन्होंने बताया कि बैरागी द्वीप को पार्किंग और यात्रियों के ठहराव के लिए तैयार किया गया है। यह क्षेत्र आमतौर पर कुंभ मेले के दौरान अखाड़ों के शिविरों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
सीसीटीवी और ड्रोन से होगी निगरानी
यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। इसके अलावा ड्रोन कैमरों की मदद से भी संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। वॉच टावरों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए लाउडस्पीकर सिस्टम भी तैयार रखा गया है, जिससे श्रद्धालुओं तक जरूरी सूचनाएं तुरंत पहुंचाई जा सकें।
यातायात व्यवस्था के लिए तैयार प्लान
पुलिस प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष योजना तैयार की है। मार्ग परिवर्तन और ट्रैफिक डायवर्जन को लेकर भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।पुलिस अधीक्षक नगर अभय प्रताप सिंह ने बताया कि हरिद्वार के 100 से अधिक घाटों पर भी सुरक्षा और व्यवस्था के लिए विशेष योजना बनाई गई है। मां मनसा देवी मंदिर, मां चंडी देवी मंदिर और दक्ष मंदिर समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सुरक्षा में कई एजेंसियां तैनात
कांवड़ यात्रा की सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन ने कई सुरक्षा एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है। पुलिस बल के साथ पीएसी और सीआरपीएफ की 13 कंपनियां, डॉग स्क्वाड, बीडीएस, जल पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं।इसके अलावा साइबर टीम, सोशल मीडिया निगरानी टीम और साइबर कमांडो भी सक्रिय हैं। इनका उद्देश्य अफवाहों पर नियंत्रण रखना और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करना है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित कांवड़ यात्रा का अनुभव देने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।