हरिद्वार | नवरात्र के पहले दिन सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
हरिद्वार (Uttarakhand Post) नवरात्र के पहले दिन सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मां दक्षिण काली के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल के बीच मां के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं की भीड़ से मंदिर में नवरात्र की रौनक देखते ही बनी। मां के दर्शन कर भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
सावन में अपनी कठिन साधना के कारण चर्चा में रहा यह सिद्धपीठ अब नवरात्र में भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज नवरात्र में 16 दिनों तक विशेष साधना करेंगे।
पहले नौ दिनों तक मां काली का पुष्पार्चन और इसके बाद विशेष हवन एवं तप-साधना का कार्यक्रम है। हवन के दौरान अग्निकुंड के समीप तापमान 80 से 110 डिग्री तक पहुंचने की बात कही गई है।
सावन में महाराज की 27 घंटे 35 मिनट तक लगातार एक आसन पर बैठे रहने की साधना भी चर्चा में रही थी। मां काली के प्रति उनका अटूट समर्पण और कठिन तपस्या श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का विषय है।
मंदिर पहुंचने वाले भक्त मां से सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य, परिवार की खुशहाली और जीवन के संकटों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। नवरात्र के पहले दिन उमड़ी भारी भीड़ ने सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में शक्ति उपासना के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को उजागर किया। आने वाले दिनों में भी मंदिर में भक्तों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।