लखवाड़ बांध परियोजना में फिर भूस्खलन, भारी मलबा गिरने से डंपर और जेसीबी क्षतिग्रस्त, बड़ा हादसा टला
विकासनगर (उत्तराखंड पोस्ट) लखवाड़ बांध परियोजना के निर्माण स्थल पर एक बार फिर पहाड़ी से भारी मलबा और चट्टानें गिरने की घटना सामने आई है। शनिवार देर रात हुए इस हादसे में एक डंपर और जेसीबी क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, निर्माण कार्य बंद होने के कारण मौके पर कोई श्रमिक या वाहन चालक मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 10 बजे निर्माण स्थल के ऊपर की पहाड़ी से अचानक मलबा और बड़े पत्थर नीचे आ गिरे। पहाड़ी के पास खड़े निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले डंपर और जेसीबी इसकी चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही निर्माण कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। बाद में मलबा हटाकर दोनों वाहनों को बाहर निकाला गया।
एलएनटी के महाप्रबंधक एपी सिंह ने बताया कि मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की चेतावनी जारी होने के चलते निर्माण कार्य पहले ही रोक दिया गया था। इसी वजह से हादसे के समय साइट पर कोई श्रमिक या अधिकारी मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि समय रहते काम बंद होने से एक बड़ा हादसा टल गया।
तीन दिन पहले भी हुई थी ऐसी घटना
यह पहली बार नहीं है जब निर्माण स्थल पर इस तरह की घटना हुई हो। इससे तीन दिन पहले भी पहाड़ी से अचानक मलबा गिरा था। उस समय एक जेसीबी चालक ने फुर्ती दिखाते हुए वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई थी। उस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
लगातार हो रही मलबा गिरने की घटनाओं के बाद निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। ह्यूमन राइट एंड आरटीआई एसोसिएशन ने निर्माण कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
वहीं, कंपनी प्रबंधन का कहना है कि परियोजना स्थल पर सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है और मौसम की स्थिति को देखते हुए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।