सरकारी मंजूरी बेकार! हल्द्वानी में जल संस्थान नहीं दे पाया पानी का कनेक्शन

सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी कार्य में कथित रूप से बाधा उत्पन्न किए जाने के बावजूद जल संस्थान की ओर से विरोध करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
 

मंजूरी मिलने के बावजूद उपभोक्ता को नहीं मिला पानी का कनेक्शन।

जल संस्थान की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन स्थानीय विरोध के कारण लौट गई।

विरोध करने वालों पर कार्रवाई न होने का आरोप।

भीषण गर्मी में पानी की समस्या से जूझ रहा परिवार।

विभागीय जवाबदेही और प्रशासनिक कार्रवाई पर निगाहें।

हल्द्वानी (उत्तराखंड पोस्ट) केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल का जल’ योजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन कई स्थानों पर विभागीय कार्यप्रणाली और स्थानीय स्तर पर पैदा हो रही बाधाएं इस योजना की सफलता पर सवाल खड़े कर रही हैं। ऐसा ही एक मामला कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी के दमुआढूंगा क्षेत्र से सामने आया है।

दमुआढूंगा निवासी प्रकाश सिंह रौतेला ने आरोप लगाया है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और विभागीय मंजूरी मिलने के बावजूद उन्हें अब तक पेयजल कनेक्शन नहीं मिल पाया है।

रौतेला के अनुसार, उनके घर के समीप जल संस्थान की पेयजल लाइन गुजर रही है। उन्होंने नए कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, जिसे जल संस्थान के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर से मंजूरी भी मिल गई। इसके बाद विभाग की टीम कनेक्शन देने के लिए मौके पर पहुंची, लेकिन कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध कर दिया।

रौतेला का कहना है कि विरोध करने वाले लोगों का दावा था कि क्षेत्र में नई पेयजल लाइन उनके प्रयासों से बिछाई गई है, इसलिए वे किसी अन्य व्यक्ति को इस लाइन से कनेक्शन नहीं लेने देंगे। स्थानीय विरोध के चलते विभागीय टीम बिना कनेक्शन दिए वापस लौट गई।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी कार्य में कथित रूप से बाधा उत्पन्न किए जाने के बावजूद जल संस्थान की ओर से विरोध करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। रौतेला का आरोप है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर कनेक्शन की स्थिति जानने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

रौतेला ने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाईन पर भी कि लेकिन वहां से भी उन्हें कोई संतोषजनक जवाब या कार्रवाई की उम्मीद अब नहीं है।

प्रकाश सिंह रौतेला का कहना है कि कुछ लोग इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें भीषण गर्मी के बीच पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

अब यह देखना होगा कि जल संस्थान इस मामले में क्या कदम उठाता है और पात्र उपभोक्ता को कब तक पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराया जाता है।