उत्तरकाशी: 20 हजार फीट की ऊंचाई पर बड़ा हेली रेस्क्यू अभियान, 67 पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला
उत्तरकाशी(उत्तराखंड पोस्ट) गंगोत्री हिमालय की करीब 20 हजार फीट ऊंची और दुर्गम चोटियों पर बर्फबारी के बीच फंसे पर्वतारोहियों के लिए यूकाडा (उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण) के हेलिकॉप्टर बड़ी राहत बनकर सामने आए। दो दिन तक चले इस चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान में चार हेलिकॉप्टरों की मदद से 67 पर्वतारोहियों और अन्य सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया।
बताया जा रहा है कि समुद्रतल से करीब 20 हजार फीट की ऊंचाई पर चलाया गया यह देश का पहला सफल हेली रेस्क्यू अभियान है। तेज हवाओं, भारी बर्फबारी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू टीमों ने अभियान को अंजाम दिया। इससे पहले अगस्त माह में सेना के हेलिकॉप्टर ने लद्दाख क्षेत्र में 18,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित नुन-कुन चोटी से एक घायल पर्वतारोही का सफल रेस्क्यू किया था।
चार हेलिकॉप्टरों की मदद से चला अभियान
रेस्क्यू अभियान में यूकाडा के चार हेलिकॉप्टरों को लगाया गया था। जोगिन वन चोटी, कालिंदी पास, सतोपंथ चोटी, ओडेन कॉल पास और वासुकीताल जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्र समुद्रतल से करीब 15 हजार से 20 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं और करीब पांच फीट तक बर्फबारी के बीच रेस्क्यू टीमों ने अभियान चलाया। ट्रैकिंग एजेंसी संचालक मुकेश पंवार ने इसे बड़े स्तर का हेली रेस्क्यू अभियान बताया। उन्होंने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ट्रैकिंग एजेंसियों को किराये पर सैटेलाइट फोन उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। गढ़वाल माउंटेनियरिंग एंड ट्रैकिंग एजेंसी एसोसिएशन के मनोज रावत के मुताबिक, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के बावजूद जिला प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने समन्वय के साथ अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। उन्होंने यूकाडा की हेली सेवाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
बर्फबारी में फंसे थे 136 ट्रैकर्स
बीते शनिवार को गंगोत्री हिमालय में हुई भारी बर्फबारी के कारण कुल 136 ट्रैकर्स और पर्वतारोही प्रभावित हुए थे। इनमें से 67 लोगों को दो दिनों में सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुछ दलों ने अपना अभियान जारी रखने की इच्छा जताई, जबकि अन्य चोटियों पर गए पर्वतारोही अपनी व्यवस्थाओं के तहत सुरक्षित वापस लौट रहे हैं। सोमवार को ओडेन कॉल पास और कालिंदी पास से 40 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। मंगलवार को अभियान दोबारा शुरू होने के बाद कालिंदी पास, जोगिन वन, वासुकीताल और सतोपंथ क्षेत्र से 27 लोगों को रेस्क्यू किया गया।
हर्षिल में अभियान का नेतृत्व कर रहीं एडीएम मुक्ता मिश्रा के अनुसार, ओडेन कॉल पास से 29, जोगिन-I से 8, सतोपंथ से 8, कालिंदी पास से 19 और वासुकीताल से 3 पोर्टरों को सुरक्षित निकाला गया।
अब रेस्क्यू अभियान बंद
प्रशासन के अनुसार, श्रीकंठ अभियान पर गया 18 सदस्यीय एसएसबी दल अपना अभियान पूरा करना चाहता है। वहीं सुदर्शन पीक पर 12, भागीरथी-II (आर्मी) में 20, भागीरथी-II में 9, शिवलिंग में 7 और 5 सदस्यीय एक अन्य दल अपनी व्यवस्थाओं के तहत सुरक्षित वापस लौट रहा है।
दो दिनों तक चले इस अभियान में यूकाडा के चार हेलिकॉप्टरों के साथ आईटीबीपी, एसडीआरएफ और वन विभाग की टीमों ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य किया। 67 लोगों को सुरक्षित निकालने के बाद रेस्क्यू अभियान को बंद कर दिया गया है।