उत्तरकाशी रेस्क्यू: 60 पर्वतारोही सुरक्षित निकाले गए, बाकी की तलाश जारी
उत्तरकाशी (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद फंसे पर्वतारोहियों और ट्रैकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। मंगलवार सुबह से चलाए गए अभियान में कालिंदी पास बेस क्षेत्र से 10, सतोपंथ बेस क्षेत्र से 4 और जोगिन-I पास बेस क्षेत्र से 8 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। सुबह 11:15 बजे तक कुल 22 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका था।
शनिवार को हुई भारी बर्फबारी के कारण गंगोत्री ग्लेशियर की विभिन्न चोटियों और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैकिंग व पर्वतारोहण के लिए गए कुल 136 लोग प्रभावित हुए थे। इनमें से अब तक 60 लोगों को सुरक्षित निकालकर हर्षिल पहुंचाया जा चुका है। शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान जारी है।
सोमवार को 40 पर्वतारोहियों का हुआ था रेस्क्यू
सोमवार को मौसम साफ होने के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में चार हेलीकॉप्टरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया था। इस दौरान ओडन कॉल पास से 29 और कालिंदी खाल पास से 11 पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला गया।
ओडन कॉल पास पर आईटीबीपी की दो टुकड़ियों और वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाया। वहीं, कालिंदी खाल पास पर एसडीआरएफ और एनआईएम की टीम ने अभियान संभाला। हालांकि, दोपहर बाद मौसम खराब होने और लगातार बारिश-बर्फबारी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा था।
कालिंदी खाल में फंसे सभी 19 लोग सुरक्षित
कालिंदी खाल क्षेत्र में फंसे सभी 19 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। एसडीआरएफ की हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम ने मौके पर रेकी कर बचाव अभियान चलाया। खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच मौसम अनुकूल होने पर अभियान दोबारा शुरू किया गया और सभी ट्रेकर्स को हर्षिल पहुंचाया गया।
हर्षिल हेलीपैड पर अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र की मौजूदगी में रेस्क्यू टीमों और हेलीकॉप्टर पायलटों के साथ आगे की रणनीति को लेकर समन्वय किया गया। माउंट जोगिन क्षेत्र की रेकी के लिए एसडीआरएफ के दो जवानों को भी रवाना किया गया है। टीम क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षित मार्ग का आकलन कर रही है।
हर्षिल हेलीपैड पर भोजन और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था
प्रशासन के अनुसार, सोमवार और मंगलवार को मिलाकर अब तक 50 लोगों को सुरक्षित हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया जा चुका है। रेस्क्यू किए गए लोगों की सुविधा के लिए हेलीपैड पर भोजन, गर्म पानी और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य स्मार्ट कंट्रोल रूम और आपदा कंट्रोल रूम से पूरे रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने संबंधित टीमों को सभी आवश्यक संसाधनों के साथ तेजी से अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
कई एजेंसियां रेस्क्यू अभियान में जुटीं
पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के अभियान में आईटीबीपी, एनआईएम, एसडीआरएफ, पुलिस, वन विभाग, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीमें शामिल हैं। सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
प्रशासन के मुताबिक, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौजूद अन्य पर्वतारोहियों और ट्रैकर्स से भी संपर्क किया जा रहा है। मौसम और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित निकालकर हर्षिल लाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
रेस्क्यू अभियान की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है और मौसम अनुकूल रहने पर अभियान को और तेज किया जाएगा।