उत्तराखंड | इन कंपनियों को सरकार की मंजूरी, करीब 1500 लोगों को मिलेगा रोजगार

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सचिवालय में राज्य में उद्यम स्थापित करने के लिये विभिन्न विभागों से वांछित स्वीकृतियों, अनुज्ञापनों, व अनुज्ञायें प्राप्त करने के लिये उत्तराखण्ड उद्यम एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन अधिनियम 2012 के अन्तर्गत राज्य प्राधिकृत समिति की बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में उत्तम शुगर मिल्स लि. डिस्टलेरी डिवीजन द्वारा आवेदित 65 करोड़ के प्रोजेक्ट पर आबकारी विभाग को लाइसेंस प्रदान करने के निर्देश दिये गये। इस प्रोजेक्ट से लगभग 200 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। एक अन्य 23.25 करोड़ की लागत की श्रीदेव सुमन एग्रीकल्स्टर परियोजना पर राजस्व से भूमि की भूउपयोग परिवर्तन की स्वीकृति जारी करने के निर्देश बैठक में दिये गये। योजना में लगभग 26 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।

एक अन्य 33.30 करोड़ की लागत के एल्डर बायोकैम लि. उद्यम को समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई। इस योजना में 163 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा जिसमें एलोपेथिक दवाओं का निर्माण किया जायेगा। इसी क्रम में कास्मेटिक उत्पादों से सम्बन्धित 26.41 करोड़ की लागत की उधम सिंह नगर में स्थापित की जाने वाली गुप्ता एग्रो प्रोडेक्ट कम्पनी को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

एक अन्य 7.50 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैटरी तथा विद्युत उपकरणों के उत्पाद तैयार करने से सम्बन्धित हरिद्वार सिडकुल में 225.10 करोड़ लागत की मै. ल्यूमनियस पावर टेक्नोलॉजी प्रा. लि. उद्योग इकाई को स्वीकृति प्रदान की गई, इसकी स्थापना से लगभग 1000 लोगों को रोजगार मिलेंगे।

एक अन्य रूद्रपुर में स्थापित होने वाली 1 करोड़ लागत की उद्योग इकाई के.एम. पैपर्स को भी स्वीकृत प्रदान की गई।

बैठक में गैल गैस लि. द्वारा देहरादून में उपभोक्ताओं को घरेलू गैस आपूर्ति करने के लिए 1531.86 करोड़ के प्रोजेक्ट पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव द्वारा सिंचाई, यूपीसीएल तथा सम्बन्धित विभागों से गैल को अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्धारित समय में जारी करने के निर्देश दिये गये।

उन्होंने गैल के अधिकारियों को देहरादून में चल रहे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी योजना में अण्डरग्राउण्ड डक्ट भी बनाई जानी है। उन्होंने गैल के अधिकारियों से स्मार्ट सिटी से जुड़े तकनीकि विशेषज्ञों से विचार विमर्श करने के निर्देश दिये।

योजना में प्रथम चरण में गैल द्वारा चार स्थानों में गैस वितरण केन्द्र बनाये जाने है जिनमें डोईवाला, हर्रावाला, ट्रांसपोर्ट नगर तथा हरिद्वार बाईपास में स्थल का चयन किया गया है।बैठक में प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार, सचिव राजस्व सुशील कुमार, महानिदेशक उद्योग एल.फैनई, अपर सचिव पर्यटन सोनिका, उपाध्यक्ष हरिद्वार विकास प्राधिकरण आलोक पाण्डेय, निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल सहित सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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