काम की बात | एक नहीं कई मर्जों की दवा है गुणकारी सौंफ, जानिए फायदे

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) आमतौर पर सौंफ का इस्तेमाल हर घर में किया जाता है। घरों में इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से मसाले के तौर पर किया जाता है। सौंफ की तासीर ठंडी होती है इसलिए गर्मी में इसका इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है।

 

खाना खाने के बाद हर दिन यदि 30 ग्राम सौंफ खाया जाए तो इससे कोलेस्ट्राल की समस्या दूर होती हैं। सौंफ मांसपेशियों को आराम देने के साथ ही ये गैस, सूजन और पेट में ऐंठन को कम करने में मदद करता है।

 

सौंफ के बीज से बने टिंचर या चाय का पीने से इरिटेटिंग बाउल सिंड्रोम, अल्सरेटिव कोलाइटिस, क्रोहन जैसी बीमारियां तक आसानी से ठीक हो जाती हैं।

 

इतना ही नहीं इसे खाने से शरीर के विषैलेतत्व भी बाहर निकल जाते हैं और इससे शरीर शुद्ध होता है।ये मानसिक ही नहीं शारीरिक दिक्कतों के लिए भी कारगर है। पेट को ठंडक प्रदान करने में भी ये बहुत कारगर है।

 

जिन लोगों को पाचन से जुड़ी समस्या हो, कब्ज हो या वजन कम करना हो तो खाने के बाद सौंफ रोज सुबह शाम जरूर खाएं। कोशिश करें कि सौंफ में चीनी न मिलाएं।

 

आंखों की रोशनी अगर कम हो रही तो आपको रोज कम से कम तीस ग्राम सौंफ जरूर खाना चाहिए। इससे आंखें ही नहीं लिवर से जुड़ी समस्या भी दूर होगी।

 

पेट में दर्द हो या अपच के कारण उल्टी आ रही हो तो सौंफ का काढ़ा पीएं। कफ को दूर करने के लिए भी सौंफ का काढ़ा पीना चाहिए।

 

अस्थमा और खांसी  में सौंफ खाना और उसका काढ़ा पीना बहुत फायदेमंद होता है। गुड़ के साथ सौंफ खाने से किसी भी तरह का पेट दर्द खत्म हो सकता है। पीरियड्स में होने वाले दर्द में ये बहुत काम आता है।

 

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