सलाम | शहीद पापा की बहादुर बेटियां, पिता की चिता को दी मुखाग्नि

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देहरादून/कन्नौज (उत्तराखंड पोस्ट) जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए जवानों को शनिवार को अंतिम विदाई दी गई।

देहरादून में उत्तराखंड के दो शहीद जवानों में से एक मोहनलाल को अंतिम विदाई दी गई। यहां पर शहीद जवान की मासूम बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर उन्‍हें आखिरी सलामी दी।

पिता को मुखाग्नि देने से पहले बेटी को अपने पिता को आखिरी सलामी दी। इस दौरान वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गई।

आपको बता दें कि शहीद जवान मोहन लाल रतूड़ी उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के बनकोट गांव के रहने वााले थे। शहीद मोहन लाल रतूड़ी बहुत ही मिलनसार एवं धार्मिक प्रवृत्ति के थे। सेना में भर्ती होने से पहले वे गांव की रामलीला में भगवान राम का पात्र निभाते थे। देश सेवा की इच्छा के चलते वह पारंपरिक कृषि एवं पुरोहित कार्य छोड़कर सेना में भर्ती हुए थे।

बच्चों को पढ़ाई के लिए परिवार को देहरादून ले जाने के बावजूद उन्होंने गांव से नाता नहीं तोड़ा। आजकल वे गांव में अपना नया मकान बनवा रहे थे। इसकी देखरेख के लिए बीते दिसंबर में वे गांव आए थे। तब उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद गांव लौट कर खेती-बागवानी तथा समाजसेवा करने की इच्छा जताई थी लेकिन उनकी ये इच्छा पूरी नहीं हो पाई।

वहां पड़ोसी राज्य यूपी के कन्नौज में शहीद प्रदीप सिंह का पार्थिव शरीर को भी प्रदीप की बेटी ने मुखाग्नि दी। पिता को हमेशा के लिए अपने से दूर जाता देख बेटी बेसुध होकर वहीं पर गिर पड़ी।

आपको बता दें कि प्रदीप जिले के इंदरगढ़ सुखसेनपुर के रहने वाले थे और वह श्रीनगर में सीआरपीएफ की 115 बटैलियन में तैनात थे। वह चार दिन पहले छुट्टी से वापस श्रीनगर गए थे।

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