2020 तक कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन करेगा उत्तराखंड से स्तन कैंसर को समाप्त

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कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन द्वारा देहरादून में आयोजित 3 दिवसीय निशुल्क स्तन जांच शिविर आयोजित किया गया, कार्यक्रम का शुभारम्भ देहरादून के मेयर एवं धर्मपुर से विधायक विनोद चमोली द्वारा किया गया, इस अवसर पर विनोद चमोली ने फाउंडेशन द्वारा किये जा रहे कार्यो की सराहना की.

कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्षा नीलम सहगल भी उपस्थित रही, उन्होंने फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ सुमिता प्रभाकर का आभार व्यक्त किया एवं कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के लिए उनके योगदान की सराहना भी की.

मीडिया से बात करते हुए डॉ सुमिता प्रभाकर ने कहा कि परीक्षण के लिए डिजिटल थर्रोग्राम का प्रयोग किया जाएगा, जो स्तन में गांठ के दिखाई देने से पांच से दस साल पहले स्तन में असामान्य सेलुलर गतिविधियों का पता लगाने के लिए एक नवीनतम तकनीक है। उन्होंने कहा कि यह एक सुरक्षित और गैर-इनवेसिव प्रक्रिया है।

डॉ प्रभाकर ने बताया कि संस्था का उद्देश्य 2020 तक उत्तराखंड की हर महिला की स्तन स्क्रीनिंग करना है, जो यदि यदि समय समय पर की जाये तो स्तन कैंसर से बचा जा सकता है.

शिविर में, कई मरीज़ चेक-अप के लिए पहुंचे। स्तनन की आत्म-जांच के महत्व के बारे में महिलाओं को बताया गया, और उन्हें समझाया गया कि वह अपने शुरुआती चरण में इस बीमारी की पहचान कर सकती है।

निशुल्क जांच शिविर के पहले दिन 100 से ज्यादा मरीजों की जांच की गयी । स्तनों की उचित परीक्षा पर प्रशिक्षण के लिए ऑडियो विजुअल का उपयोग किया गया था और आत्म-परीक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया गया था।

28 अक्टूबर से ३० अक्टूबर तक चलने वाले इस मेगा कैंप में लगभग 600 महिलाओं के आने की उम्मीद है, यह बात संस्था के सचिव प्रवीण डंग ने मीडिया को बताई.

उन्होंने बताया की उनकी संस्था पिछले 3 वर्षो से निशुल्क स्तन जांच शिविर का आयोजन कर रही है, यह शिविर उत्तराखंड के साथ साथ उत्तर प्रदेश  के भी कई शहरो में लगाये जा चुके है, संस्था हर माह कम से कम ५ शिविर का आयोजन करती है, और अक्टूबर माह जो कि विश्व में कैंसर जागरूकता के रूप में मनाया जाता है, में कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन ने अब तक 18 शिविरों का आयोजन किया है.