महिलाओं में स्तन कैंसर जागरूकता और स्क्रीनिंग ज़रूरी: डॉ सुमिता प्रभाकर

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) भारत में महिलाओं में सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसर में से एक स्तन कैंसर है, 2012 में 70,218 महिलाओं की मृत्यु स्तन कैंसर के कारण हुई हैं।  एक अध्ययन में कहा गया है कि 2020 तक स्तन कैंसर के शुरुआती निदान में कमी के कारण  76,000 भारतीय महिलाओं की मृत्यु स्तन कैंसर के कारण हो सकती हैं।

बढ़ते हुए स्तन कैंसर की समय पर पहचान हेतु उत्तराखंड की कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन द्वारा पिछले 5 वर्षो से स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर रोकथाम शिविरों का आयोजन किया जा रहा हैं। अभी तक 600 से अधिक शिविर गाँवों और शहरो में आयोजित किये जा चुके हैं। इन शिविरों में  महिलाओं को कैंसर के प्रति जागरूक किया जाता हैं एवं स्क्रीनिंग द्वारा कैंसर का पता शुरुवात में ही लगाया जाता हैं।  कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ सुमिता प्रभाकर के अनुसार जागरूकता एवं समय पर स्क्रीनिंग द्वारा स्तन कैंसर के मामलो में कमी लायी जा सकती हैं और हमारा पूरा प्रयास हैं की हम उत्तराखंड में इस खतरे को बढ़ने नहीं देंगे।  आने वाले समय में कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन,  महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के साथ हर माह कैंसर रोकथाम शिविर का आयोजन करेगा।

*तीलू रौतेली छात्रावास में आयोजित किया कैंसर रोकथाम एवं बाल  पोषण शिविर*

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास परियोजना, देहरादून एवं कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन द्वारा २६ फरवरी २०२० को निःशुल्क महिला स्वास्थ एवं कैंसर रोकथाम शिविर का आयोजन सर्वे चौक स्थित, तीलू रौतेली छात्रावास में किया गया।  इस शिविर में बच्चो के पोषण हेतु शिशु स्वास्थ की भी सेवाएं दी गयी। शिविर में 148 महिलाओं की अत्याधुनिक थर्मो मैमोग्राफी द्वारा स्तन रोगो की स्क्रीनिंग कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन की अध्यक्ष एवं महिला रोग विशषज्ञ डॉ सुमिता प्रभाकर द्वारा महिलाओं की जाँच एवं रोगो के लिए परामर्श दिया गया । शिविर में ५ महिलाओं में स्तन रोगो के असामान्य लक्षण पाए गए जिनको अन्य परिक्षण की सलाह दी गयी एवं निःशुल्क परिक्षण के कूपन भी दिए गए।

शिविर का शुभारम्भ जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव द्वारा किया गया।  बच्चो के स्वास्थ की जांच बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अपूर्व जैन द्वारा की गयी। डॉ अपूर्व ने बच्चो को पोषण एवं सही आहार की जानकारी दी।  शिविर में देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा ने भी प्रतिभाग किया और उन्होंने बच्चो के स्वास्थ पर चर्चा की।

*कार्यशाला में दी गयी कैंसर के लक्षणों की जानकारी*

महिलाओं को  स्तन कैंसर के प्रति जागरूक करने के लिए डॉ सुमिता द्वारा कार्यशाला में महिलाओं को स्तन कैंसर के लक्षण, एवं स्वयं स्तन परिक्षण की विधि की जानकारी दी । जिससे समय पर स्तन कैंसर का पता लग जाये एवं उसके फैलने का भय नही रहे। स्तन कैंसर एक ऐसा कैंसर है जिसका सही समय पर जल्दी से जल्दी मालूम चलना अति आवशयक हैं, कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ सुमिता प्रभाकर के अनुसार समय पर स्क्रीनिंग एवं जाँच द्वारा स्तन कैंसर एवं सर्वाइकल कैंसर का पता चलने पर कैंसर का सही ईलाज संभव है जबकि ज़्यादातर महिलाओं को तीसरी एवं चौथी स्टेज में कैंसर का पता चलता है जिससे उनका उपचार व बचाव मुश्किल हो जाता है। । इसलिए सभी स्वस्थ महिलाओं को स्क्रीनिंग करवानी चाहिए और घर पर भी हर महीने स्वयं स्तन परिक्षण भी करना चाहिए कोई भी असामान्य लक्षण मिलने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

*कैंसर से बचाव के गुण सिखाएं*

डॉ सुमिता ने बताया की महिलाओं को स्तन कैंसर के खतरे को कम करने के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनानी चाहिए, बच्चो को लम्बे समय तक स्तनपान, मोटापे पर नियंत्रण, फ़ोन के उपयोग में कमी, व्यायाम को जीवन शैली का हिस्सा बनाये एवं स्वस्थ खान पान को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहाँ की आजकल ग्राउंड वाटर में प्रदुषण बढ़ रहा हैं जिसके कारण भी कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। नदियों की साफ़ सफाई और नदी के आसपास के इलाको में पर्यावरण को बढ़ावा देना चाहिए।

इस अवसर पर ऐ के मिश्रा, डॉ हुमा , डॉ विनीता सिंह,  निर्मला राणा, वैशाली,  हनी पाठक, शमा बहुगुणा, सरोज धयानी उपस्थित रहे।