रावत ने ग्रामीण आवास योजना के तहत केंद्र से मांगे 285 लाख रुपए

FB_IMG_1466265047418मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नई दिल्ली में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी विरेन्द्र सिंह से मुलाकात कर ग्रामीण आवास योजना के तहत प्रथम किश्त के रूप में केन्द्र सरकार से रुपये 285.467 लाख की धनराशि जारी करने का अनुरोध किया। रावत ने कहा कि इस योजना के तहत जनपद बागेश्वर, देहरादून और पिथौरागढ़ को चिन्हित किया गया है। इसी प्रकार से जनपद पिथौरागढ़ में प्राकृतिक आपदा से हुए क्षतिग्रस्त योजनाओं के पुनर्निर्माण हेतु द्वितीय किश्त के रूप में ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा रुपये 168.75 लाख जारी किये जाने है। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए शीघ्र ही उक्त धनराशि अवमुक्त करायी जाय।
मुख्यमंत्री रावत ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से पी.एम.जी.एस.वाई योजना के अन्तर्गत उत्तराखण्ड को बजट की धनराशि शीघ्र अवमुक्त की जाय। उन्होंने कहा कि राज्य की 189 योजनाओं की डी.पी.आर. भारत सरकार को भेजी गई है, जिनकी लागत 990 करोड़ रुपये है। इसी प्रकार से वित्तीय वर्ष 2016-17 हेतु 600 करोड़ रुपये धनराशि अवमुक्त की जाय। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि फरवरी, 2016 में भारत सरकार स्तर पर इम्पावर्ड कमेटी द्वारा लगभग 189 योजनाओं की डीपीआर स्वीकृत की गई थी, किन्तु आज तक इन योजनाओं के लिए धनराशि आवंटित नही की गई है, इससे राज्य सरकार को इन योजनाओं पर कार्य करने में कठिनाई हो रही है। रावत ने कहा कि पी.एम.जी.एस.वाई योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क मार्ग से जोड़ना है, जिस दिशा में राज्य सरकार त्वरित गति से कार्य कर रही है, किन्तु बजट के अभाव में योजनाएं लंबित हो रही है। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत सभी जनपदों में कार्य करते हुए रुपये 490.48 करोड़ खर्च कर चुके है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने केन्द्रीय मंत्री से मनरेगा के अन्तर्गत 23.73 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है।