रेप के वक्त आंखें मूंदे रही लड़की, कोर्ट ने छोड़ दिए गैंगरेप के आरोपी

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स्पेन (उत्तराखंड पोस्ट) स्पेन के 5 अपील जजों ने निचली कोर्ट के गैंगरेप मामले में 5 आरोपियों को बरी करने के विवादित फैसले को बरकरार रखा है। गैंगरेप के पांचों आरोपियों को अब रेप के बजाए कम गंभीर अपराध यौन उत्पीड़न के लिए सजा दी जाएगी।

आज तक की खबर के असार वुल्फ पैक के नाम से कुख्यात हो चुके पांचों आरोपियों को रेप के आरोप से बरी किए जाने पर पूरे स्पेन में विरोध-प्रदर्शन हुए थे, बाद में उन्हें बेल पर जेल से छोड़ भी दिया गया था।

अपील जज ने स्पेन की कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि 18 साल की पीड़िता का रेप नहीं हुआ था क्योंकि उसके खिलाफ आरोपियों ने हिंसा का इस्तेमाल नहीं किया था।

नैवैरे के अपील जजों के आरोपियों की यौन उत्पीड़न मामले में 9 साल की जेल की सजा को बरकरार रखने के फैसले के बाद पीड़ित लड़की की वकील ने कहा कि ‘हमें यह कतई मंजूर नहीं है, हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

स्पैनिश कानून के तहत, रेप या गैंगरेप तभी माना जाता है जब रेप के वक्त यौन हमला, हिंसा या धमकी का इस्तेमाल हुआ हो। हालांकि 5 जजों में से 2 जजों ने कहा कि यौन उत्पीड़न के दौरान हिंसा का इस्तेमाल हुआ था और इसलिए आरोपियों को 14 साल की जेल होनी चाहिए लेकिन तीन जज बहुमत में थे।

इस मामले पर पूरे स्पेन में इतना विवाद खड़ा हुआ था कि स्पेन के यौन हिंसा पर कानून को बदलने के लिए एक कमिटी बनाई गई थी। यहां तक कि स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सैंचेज इस फैसले से दुखी थे और उन्होंने सेक्सुअल कन्सेंट पर नया कानून लाने का वादा किया था।

जुलाई 2016 में सैन फर्मिन बुल रनिंग फेस्टिवल के दौरान यह घटना हुई थी। 18 साल की एक लड़की को 5 लोग बेसमेंट लेकर गए और उसके साथ जबरन असुरक्षित यौन संबंध बनाया।

उनमें से कुछ आरोपियों ने इसे रिकॉर्ड कर वॉट्स ऐप ग्रुप ला मानाडा (वुल्फ पैक) पर भी भेज दिया। पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया कि पीड़ित लड़की ने  घटना के दौरान उदासीन रवैया अपनाए रखा और पूरे वक्त अपनी आंखें बंद किए रही।

अपील कोर्ट ने माना कि वुल्फ पैक की पीड़ित लड़की ने संबंध बनाने के लिए सहमति नहीं दी थी और पांचों आरोपियों ने मौके और अपनी मजबूत स्थिति का फायदा उठाते हुए यौन उत्पीड़न को अंजाम दिया।

कोर्ट ने अपनी रूलिंग में कहा कि पीड़िता की भूमिका उदासीन पीड़िता की रही और किसी भी तरह की धमकी या हिंसक गतिविधि का कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है।

जजों ने कहा, उस स्थिति में पीड़िता की प्रतिक्रिया के लिए पुरुषों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है हालांकि वे टीनेजर की कमजोर स्थिति का पूरा फायदा उठाकर खुश थे। स्पेन में इस फैसले के बाद सहमति पर आधारित रेप कानून की मांग और तेज हो गई है।

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