कैबिनेट ने निकाली SC के फैसले की काट, हाईवे पर अब फिर से मिलेगी शराब

शुक्रवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए। इनमें सुप्रीम कोर्ट के हाईवे से शराब की दुकानें और बार को हटाने के फैसले की काट निकालते हुए कैबिनेट ने 64 राज्य मार्गों को जिला मार्ग घोषित कर दिया है। कैबिनेट के इस फैसले के बाद शराब की अधिकांश दुकानों के पुराने स्थान पर
 

शुक्रवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए। इनमें सुप्रीम कोर्ट के हाईवे से शराब की दुकानें और बार को हटाने के फैसले की काट निकालते हुए कैबिनेट ने 64 राज्य मार्गों को जिला मार्ग घोषित कर दिया है। कैबिनेट के इस फैसले के बाद शराब की अधिकांश दुकानों के पुराने स्थान पर खुलने का रास्ता साफ़ हो जायेगा।  अब ख़बरें एक क्लिक पर इस लिंक पर क्लिक कर Download करें Mobile App – उत्तराखंड पोस्ट

हालांकि कैबिनेट ने इसके पीछे कुछ और ही तर्क दिया है। उत्तराखंड जनसंपर्क विभाग से प्राप्त रीलीज के अनुसार राज्य के शहरी स्थानीय निकाय क्षेत्रों की सीमा के अंदर आने वाले राजमार्गों में जनसंख्या दबाव सहित मार्ग के किनारों पर भवन निर्माण, गतिविधियों में अधिक वृद्धि होने, मार्ग में सीवर लाइन, नाली, बिजली के स्तम्भ/ट्रांसफार्मर, टेलीफोन लाइन, स्थानीय निकाय के होर्डिंग आदि होने के कारण मार्ग के इन भागों का रख-रखाव और अन्य विकास व विस्तार ‘राजमार्ग’ की विशिष्टियों के अनुरूप किये जाने में व्यवहारिक कठिनाई आ रही है।

इस लिये राज्य मार्गों के वे भाग जो किसी भी शहरी स्थानीय निकाय यथा नगर निगम, नगर पालिका परिषद अथवा नगर पंचायत की सीमा से गुजरते हों, को राज्यमार्ग की श्रेणी से अवर्गीकृत(डिनोटीफोई) करते हुए इस भाग को अन्य जिला मार्ग में वर्गीकृत किया गया है। राज्य में 64 राज्य मार्ग हैं जिनमें 63 नगर निकाय पड़ते हैं।

कैबिनेट ने निकाली SC के फैसले की काट, हाईवे पर अब फिर से मिलेगी शराब

कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  • राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली में संशोधन-पूर्व में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के अध्यक्ष पदेन सदस्य होंगे। अब दोनों आयोग अलग-अलग हैं, इसलिए दोनों आयोगों के अध्यक्ष पदेन सदस्य होंगे।
  • भारत सरकार की रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत एटीएफ (एअर टरबाइन प्यूल) पर VATघटाकर एक प्रतिशत किया गया था। अभी तक सभी विमानन कम्पनियां इसका फायदा लेती थीं। अब यह लाभ कनेक्टिविटी योजना के अंतर्गत संचालित कम्पनियां से ही एक प्रतिशत VAT लिया जायेगा। शेष 20 प्रतिशतVAT देंगी।
  • कृषि भूमि को बंधक बनाकर ऋण लेने वाले कृषकों को 05 लाख रूपये तक सीमा में स्टाम्प शुल्क में छूट अब 05 वर्षों के लिए।
  • प्रत्येक माह के दूसरे और चैथे बुधवार को सायं 04 बजे कैबिनेट मीटिंग होगी। कैबिनेट के लिए विभागीय टिप्पणी एक हफ्ते पहले मा.मंत्रिगणों को भेजना अनिवार्य किया गया हैं
  • राजभवन संविलन नियमावली में संशोधन 30 सितम्बर 2010 की कट ऑफ डेट बढ़ाकर एक फरवरी 2012 किया गया
  • नामिका अधिवक्ताओं की फीस राज्य सरकार द्वारा दिया जाता था। अब राष्ट्रीय विधिक प्राधिकरण फीस देगा।

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