पंचतत्व में विलीन हुए शहीद सुरजीत, श्रद्धांजलि देने पहुंची डीएम हुईं बेहोश

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चमोली (उत्तराखंड पोस्ट ब्यूरो)  भारत मां की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले उत्तराखंड के वीर सपूत चमोली के  स्यूंण गांव के सुरजीत सिंह राणा का सोमवार को पैतृक घाट दूधगंगा के तट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

इससे पहले शहीद का पार्थिव शरीर स्यूंण गांव पहुंचाया गया। जैसे ही शहीद के पार्थिव शरीर को गांव में लाया गया, परिजन ताबूत पर लिपटकर रोने-बिलखने लगे। ताबूत में बंद शहीद के शव को देख गांव के बुजुर्ग, महिलाओं, युवाओं और बच्चों की आंखें नम हो गई। शहीद के घर में मां के साथ ही बड़ा भाई महावीर राणा व उसका परिवार रहता है। शहीद सुरजीत की पत्नी की एक वर्ष पूर्व मौत हो गई है और उनकी कोई संतान नहीं है। सुरजीत के सिर से पिता का साया बचपन में ही छिन गया था।

वहीं शहीद जवानकी अंतिम यात्रा में शामिल हुई चमोली की जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया पैदल रास्ते में ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। स्यूंण गांव से पैतृक घाट की दूरी अधिक होने के कारण शहीद के अंतिम संस्कार के बाद जब डीएम लौट रही थीं, तो पैदल रास्ते की चढ़ाई में अचानक तबियत बिगड़ने से वह बेहोश होकर गिर पड़ी।

पानी पीने के बाद डीएम ने करीब आधा घंटे तक रास्ते में ही आराम किया। इसके बाद फिर वह पैदल चलकर अपने वाहन तक पहुंची।