क्या आप जानते हैं ? नैनीताल के नाम के पीछे की ये रोचक कहानी

नैनीताल (उत्तराखंड पोस्ट ब्यूरो) गर्मी की छुट्टियां मनाने के लिए जब किसी हिल स्टेशन का जिक्र होता है तो नैनीताल का नाम सबसे पहले याद आता है। नैनीताल का नाम पूरा दुनिया में चर्चित है मगर बहुत कम ही लोग नैनीताल का नाम पड़ने के पीछे का सच जानते है।

नैनीताल नाम पड़ने के पीछे एक ऐसी घटना है जिसके बारे में सभी जानते होंगे। सभी जानते है कि भगवान शिव का विवाह माता सती से हुआ था जससे माता सती के पिता राजा दक्ष प्रसन्न नही थे। एक बार राजा दक्ष ने एक महायज्ञ का आयोजन किया जिसमें उन्होंने सभी देवताओं को तो आमिंत्रित किया मगर भगवान शिव को नही बुलाया।

इस पर माता सती कुपित हो उठी और उन्होंने महायज्ञ में जाकर अपने पिता राजा दक्ष से अपने पति भगवान शिव को न बुलाने का कारण पूछा। जस पर राजा दक्ष ने भगवान शिव का अनादर कर दिया जससे कुपित माता सती ने यज्ञ की अग्नि में अपना देह त्याग दिया। इस घटना से भगवान शिव की क्रोध की अग्नि भड़क उठी और उन्होंने राजा दक्ष का शीश काट दिया।

उसके पश्चात भगवान शिव माता सती का देह लेकर संसार में घूमने लगे तो भगवान विष्णु ने अपने चक्र को माता सती के देह पर चला दिया। चक्र से माता सती की देह के हिस्से कई जगह गिरे जहां शक्तिपीठ स्थापित किए गए। कहते है कि माता की आंख वाला हिस्सा इसी जगह गिरा था जिस वजह से इस जगह का नाम नैनी-ताल पड़ा।

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