उत्तराखंड में धधक रहे है जंगल, बेकाबू हुई आग, वन विभाग की कोशिशें नाकाम

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देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड में वन संपदा लगातार आग की चपेट में आकर नष्ट हो रही है। कुमाऊं के अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और नैनीताल जिले के सैकड़ों हेक्टेयर में फैले जंगल कई दिन से धधक रहे हैं। वहीं गढ़वाल के जंगल भी आग से बच नही पा रहे है।

जंगल की बेकाबू हुई आग पर वन विभाग की कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। शुक्रवार को कुमाऊं में आग लगने की 45 घटनाओं में 90 हेक्टेयर जंगल जल गए। इससे पहले गुरुवार तक कुमाऊं में आग की 264 घटनाओं में 373 हेक्टेयर जंगल जल चुका था।

  • शुक्रवार की शाम बागेश्वर वन प्रभाग के कौसानी और द्यांगण, जौलकांडे के जंगलों में आग लग गई। मोके पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची आग पर काबू पाया। इधर दशोली के जंगल में भी आग लगने की खबर मिलने से हडकंप मच गया।
  • अल्मोड़ा के बिनसर, कोसी रेंज के चौंसली वन पंचायत और अल्मोड़ा रेंज के सिराड़ फलसीमा, कपड़खान और नगर में सीएमओ ऑफिस के निकट के जंगलों में आग की घटनाएं हुई हैं। इस दौरान करीब तीन हेक्टेयर से अधिक जंगल जल गया। चौबटिया क्षेत्र के हाईएस्ट प्वांइट और हैलीपैड आदि क्षेत्रों में गुरुवार को अचानक आग धधक उठी।
  • पिथौरागढ़ के ओगला और नारायणनगर के चीड़ के जंगलों के साथ ही अस्कोट, चंपावत और टनकपुर के जंगल भी आग से धधक रहे हैं। अस्कोट मल्लिकार्जुन मंदिर परिसर तक पहुंची आग पर तो काबू पा लिया गया, लेकिन सैकड़ों पौधे नष्ट हो गए।
  • हल्द्वानी वन प्रभाग के जौलासाल, रामगढ़ रेंज और सूर्या गांव में आग की बड़ी घटनाएं सामने आईंहै।
  • रामनगर वन प्रभाग के बाद अब तराई पश्चिमी वन प्रभाग आमपोखरा रेंज के जंगल में लगी आग गांव तक पहुंच गई। दमकल की तीन गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
  • ओखलकांडा के दुनीधूरा, छिनारी, कलियाधूरा और सुरखाल के जंगल भी आग से घिर गए।
  • कर्णप्रयाग पहाड़ी क्षेत्रों में गर्मी बढ़ते ही जंगल धधकने शुरू हो गए हैं। बुजुर्ग यात्रियों ने बताया कि उनको धुएं में सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
  • चमोली जिले के जंगलों में आग लगने से करीब 10 लाख रुपये की वन संपदा राख हो गई है। जिले के एंड, डिम्मर, जेकिंडी, कालेश्वर, सिरतोली, बेरफाला, घाघू, मौणा, उमट्टा, मैठाणा, गोपथला, रैंखाल के जंगलों में वन एवं वन्य जीवों को भारी नुकसान पहुंचा है।
  • नई टिहरी में भिलंगना, बालगंगा, पौखाल, टिहरी और प्रतापनगर रेंज के जंगल आग से धधक रहे हैं। टिहरी जिले में नरेंद्रनगर, मसूरी, टिहरी डैम वन प्रभाग और टिहरी वन प्रभाग के अंतर्गत इस फायर सीजन में अब तक वनाग्नि की 55 घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे 67 हेक्टेयर वन भूमि क्षेत्र में आग लगने से लाखों की वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।

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