102 मरीजों की निशुल्क जांच, उत्तराखंड से मिटा देंगे कैंसर का नामो निशान

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आज उत्तराँचल प्रेस क्लब में कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन की ओर से हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया, कैंप में विशेष तौर से महिलाओ के लिए ब्रैस्ट कैंसर स्क्रीनिंग के साथ-साथ सभी के  लिए Hemoglobin, Sugar, Bone Density, BP, Weight आदि की जाँच  करवाई  गयी.

संस्था की प्रेसिडेंट डॉ. सुमिता प्रभाकर एवं सचिव प्रवीण डंग ने बताया की आज १०२ मरीजों की जाँच की गयी और ब्रैस्ट कैंसर के बारे में जागरुकता फैलाई गयी. आज संस्था के संरक्षक डॉ. महेश कुडियाल ने 52 मरीजों की जांच दी और परामर्श दिया.

Can Protect Foundation की President डॉ. सुमिता प्रभाकर ने बताया कि झिझक एवं शर्म के कारण महिलाये अपनी जांच नहीं करवाती पर अब कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन के अथक प्रयासों से पूरी कोशिश है की आने वाले 2 वर्षो में उत्तराखंड की सभी महिलाओं की जांच हो जाये.

इस अवसर पर डॉ. महेश कुडियाल ने Multi Speciality Camp लगाने का भी प्रेस क्लब से वादा किया.

अक्टूबर का माह पूरे विश्व में Breast Cancer Awareness Month के रूप में मनाया जाता है, हमारे देश में कई संस्थाए इस मुहीम से जुडी है. भारत में हर वर्ष लगभग ७० हज़ार महिलाओं की मौत का ब्रैस्ट कैंसर के कारण होती है. इसके सफल इलाज के लिए समय रहते Early Stage में इस कैंसर का पता लगाना बहुत ज़रूरी होता है.

आज प्रेस क्लब में आयोजित हेल्थ कैंप में महिलाओ को जानकारी दी गयी कि वह स्वयं किस प्रकार स्तन की जांच की जाये.

स्वयं कैसे करे स्तन की जांच

प्रतिमाह मासिक समाप्त होने के बाद हथेली से दोनों स्तनों की जांच करनी चाहिए. यदि अकार में अंतर, निप्पल से रक्त या पानी का स्त्राव , त्वचा में खड्डे या गाँठ का पता चले तो तुरंत डॉ. की सलाह लेनी चाहिए. डॉ. सुमिता प्रभाकर के मुताबिक सभी गांठे कैंसर नहीं होती है, लेकिन यह बहुत ज़रूरी है की सभी महिलाओं को उनके स्वस्थ के प्रति जागरूक किया जाएँ.

सभी महिलाओं को ३५ वर्ष के बाद मेमोग्राफी के माध्यम से स्तनों की जांच करवानी चाहिए. कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन के द्वारा माह के सभी कार्यदिवस में ब्रैस्ट लाइट के द्वारा देहरादून में सी एम् आई हॉस्पिटल में निशुल्क जांच की जाती है और MAMOGRAPHY में 50% की छूट भी दी जाती है.