अच्छी खबर | सरकार की इस नई योजना से महिलाओं को मिलेगा रोजगार

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देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट ब्यूरो) मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिये राज्य सरकार सरकार द्वारा कारगर पहल करते हुए कई नीतिगत निर्णय लिये गये है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने में मददगार बने। इसके लिये उनके द्वारा स्वयं विकास के विभिन्न आयामों की जानकारी समय-समय पर कार्यकर्ताओं को भी उपलब्ध करायी जा रही है।

शनिवार को देहरादून महानगर भाजपा कार्यसमिति की बैठक को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिये उनके द्वारा एक साल पहले जो घोषणा की थी, उन पर कार्य आरम्भ हो चुका है। प्रदेश में रोजगार एवं विकास के लिये होने वाला पलायन चिंता का विषय है। यदि गांव में रोजगार के अवसर उपलब्ध हो जाए, तो इससे विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन की समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकेगा।

मुख्यमंत्री रावत ने बताया कि इस दिशा में पहल करते हुए राज्य में प्रत्येक न्याय पंचायत पर ग्रोथ सेंटर स्थापित करने का नीतिगत निर्णय लिया जा चुका है। इसको लागू करने की प्रक्रिया भी शीघ्र आरम्भ की जायेगी। प्रदेश की आर्थिकी में महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान है, इसके लिये महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया है। इसमें ’देवभोग प्रसाद योजना’ भी शामिल है।

इस योजना के तहत केदारनाथ में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा 01 करोड 25 लाख रूपये का प्रसाद विक्रय किया गया है। इसका सीधा लाभ महिलाओं को होगा। इसके लिये राज्य सरकार द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों को 25 लाख रूपये तक का अनुदान दिया गया है। इसी क्रम में बदरीनाथ में भी महिला स्वयं सहायता समूहों ने पिछले साल 19 लाख रूपये का प्रसाद विक्रेय किया। उन्होंने कहा कि इसी तरह गर्जिया, पूर्णागिरी, जागेश्वर, बागेश्वर, पाताल भूवनेश्वर, चण्डी मंदिर हरिद्वार के साथ ही हरकी पैड़ी में भी देवभोग प्रसाद योजना आरम्भ की जायेगी। इसमें भी स्थानीय उत्पादों का उपयोग प्रमुखता से किया जायेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश में आने वाले करोड़ों पर्यटकों में से यदि 01 करोड़ पर्यटक भी 500 रूपये का प्रसाद क्रय करते है, तो इससे होने वाली आय का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से ’देवभूमि पूजा सामग्री’ भी तैयार की जायेगी। जिसमें प्रदेश के औषधीय व सगंध पौध एवं पुष्पों का उपयोग किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषित बच्चों एवं महिलाओं के लिये मंडुवां, काला भट्ट, चौलाई आदि से तैयार किये गये राज्य के उत्पाद बेहतर साबित हुए है। इससे इन उत्पादों के कृषिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम जनहित से जुड़े कार्यों व योजनाओं पर विशेष ध्यान दे रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डोईवाला में सीपेट का उद्घाटन किया जा चुका है, 01 सितम्बर से कक्षाएं आरम्भ हो जायेंगी। जिसमें 85 प्रतिशत सीट उत्तराखण्ड के लिये आरक्षित रहेंगी। पहले वर्ष में 1500 छात्रों को इसमें प्रवेश दिया जायेगा। शीघ्र ही निफ्ट की भी स्थापना की जायेगी। प्रदेश में साइंस सिटी भी स्थापित की जायेगी। पिरूल को भी स्वरोजगार से जोड़ा गया है। इसके लिये बहुआयामी योजना तैयार की गई है।

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