नैनीताल | वर्ग चार एवं वर्ग एक ख की भूमि में काबिज काश्ताकारों के लिए जरुरी ख़बर

हल्द्वानी (उत्तराखंड पोस्ट) जनपद नैनीताल के मैदानी क्षेत्रों में वर्ग चार एवं वर्ग एक ख की भूमि में काबिज काश्तकारों की भूमि काश्तकारों के नाम विगत कई समय से विनियमित किये जाने की प्रक्रिया को अन्तिम रूप दिया जा रहा है। ज्ञातव्य हो कि राज्य सरकार द्वारा वर्ग चार एवं वर्ग एक ख की भूमि में काबिज काश्तकारों को भूमिधर अधिकार दिये जाने के सम्बन्ध में पूर्व में शासनादेश निर्गत किया गया था। जिसके क्रम में काश्तकारों के द्वारा आवेदन पत्र प्रस्तुत किये गये थे, जोकि तहसील स्तर में लम्बित थे।

जिलाधिकारी सविन बंसल के संज्ञान में यह तथ्य आने पर उनके द्वारा तत्काल आवेदन पत्रों में रिर्पोट एवं अन्य औपचारिकतायें पूर्ण कराये जाने के लिए उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को तलब किया गया तथा निर्देश दिये गये कि तत्काल इन आवेदन पत्रों औपचारिकतायें पूर्ण कराई जायें। फलस्वरूप अधिकांश आवेदक जोकि शासनादेश के अनुसार भूमिधरी के पात्र थे, की पत्रावलियां पूर्ण करा ली गई।

जिलाधिकारी बंसल द्वारा अवगत कराया गया है कि जनपद के मैदानी क्षेत्रों में वर्ग चार एवं वर्ग एक ख की भूमि में काबिज काश्ताकारों, जिनके द्वारा आवेदन किये गये हैं तथा जो शासनादेश के अनुसार भूमिधरी के पात्र हैं, को दिनांक 19 एवं 20 फरवरी को प्रातः 10 बजे से सांय 4 बजे तक जिलाधिकारी कैम्प कार्यालय, हल्द्वानी में कैम्प आयोजित करते हुए आदेश उपलब्ध कराये जायेंगें। वृहद कैम्प में ऐसे आवेदकों, जोकि शासनादेश के अनुसार पात्र नहीं पाये गये अथवा अन्य कोई अभिलेखीय कमी के कारण वर्तमान विनियमितीकरण पाॅलिसी का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, की भी शंकाओं का समाधान किया जायेगा तथा उनकी पत्रावली की वर्तमान स्थिति से भी आवेदकों को अवगत कराया जायेगा। इस कैम्प से तहसील हल्द्वानी, कालाढूंगी, लालकुआॅ तथा रामनगर के काश्तकार लाभान्वित होंगे।

जिलाधिकारी द्वारा मैदानी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं फील्ड स्टाॅफ को कैम्प में उपस्थित रहने के निर्देश दिये गये हैं, जिससे कैम्प में आगन्तुकों की समस्याओं एवं शंकाओं का समाधान यथासम्भव तत्काल किया जा सके। जिलाधिकारी के द्वारा अपील की गई है कि मैदानी क्षेत्रों के वर्ग-4 एवं वर्ग-1 ख की भूमि में काबिज काश्तकार इस कैम्प में उपस्थित हो कर कैम्प का अधिकाधिक संख्या में लाभ प्राप्त करें।

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