4-5 जुलाई को उत्तराखंड विस का विशेष सत्र, फिर से पेश होगा बजट

हरीश रावत कैबिनेट ने 4 और 5 जुलाई को उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। सोमवार शाम को हुई हरीश रावत कैबिनेट में ये फैसला लिया गया। माना जा रहा है कि बजट के संकट से जूझ रही हरीश रावत सरकार विधानसभा के विशेष सत्र में बजट को फिर से पेश कर सकती है।
 

हरीश रावत कैबिनेट ने 4 और 5 जुलाई को उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। सोमवार शाम को हुई हरीश रावत कैबिनेट में ये फैसला लिया गया। माना जा रहा है कि बजट के संकट से जूझ रही हरीश रावत सरकार विधानसभा के विशेष सत्र में बजट को फिर से पेश कर सकती है। कैबिनेट में फैसला लिया गया है कि केंद्र सरकार से उत्तराखंड के बजट को लेकर एक बार फिर से अनुरोध करेंगे। प्रधानमंत्री उत्तराखंड सरकार के अनुरोध को स्वीकार कर बजट के संकट से रावत सरकार की मुश्किल आसान नहीं करते हैं तो मुख्य सचिव नए बजट के संबंध में कानूनी राय लेंगे, जिसके बाद हरीश रावत सरकार विधानसभा के विशेष सत्र में 4-5 जुलाई को फिर से बजट पेश कर सकती है।

इसके साथ ही हरीश रावत कैबिनेट में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट की बैठक में निम्न बिंदुओं पर चर्चा हुई।

  • पेयजल के घरेलू उपभोक्ताओं के सम्बंध में वर्ष 2013 में प्रति वर्ष 15 प्रतिशत वृद्धि के सम्बंध में लिए गए निर्णय एवं वर्तमान व्यवस्था पर पुनर्विचार करते हुए लिया गया कि अल्प आय वर्ग एवं मध्यम आय वर्ग के सम्बध में 09 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि होगी और उच्च आय वर्ग के सम्बंध में 11 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि होगी।
  • उत्तराखण्ड पेयजल निगम में कार्यरत 343 नियमित फील्ड कर्मचारियों को निगम के संवर्गीय ढांचे में मृत संवर्ग के रूप में सम्मिलित किये जाने का निर्णय लिया गया।
  • उपनल में सैनिको के आश्रितों को भी सेवा का मौका दिया जायेगा। उच्च शिक्षा में 600 से अधिक रिक्तियों को भरने के लिए उत्तराखण्ड उच्च शिक्षा शिक्षा आयोग का गठन किया जाएगा।
  • विकलांगो के लिये गढ़वाल व कुमाऊं में एक-एक आईटीआई खोली जाएगी।
  • किसान आयोग व उत्तराखण्ड शिल्प संवर्धन आयोग के गठन पर मुख्य सचिव के परीक्षण, परामर्श के बाद आगामी बैठक में प्रस्ताव रखेंगे।
  • दिव्यांगो के लिये भी 2 माह का विशेष भर्ती अभियान चलाया जायेगा।
  • एससी/एसटी भर्ती के लिये 3 माह का विशेष अभियान चलया जायेगा।
  • राज्य दिव्यांग आयोग के गठन को मंजूरी।
  • कैबिनेट ने निर्णय लिया कि आगामी 4 और 5 जुलाई को विधानसभा आहूत होगी।चाल-खाल व वाटर बोनस योजना को मंजूरी।
  • उत्तराखण्ड मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2005 में निम्न संशोधन प्रस्तावित किए गए।धारा 31 को पुर्नस्थापित किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत एक पक्षीय रूप से निस्तारित वादों  को कर निर्धारण अधिकारी द्वारा पुनः सुनवायी हेतु खोला जा सकेगा किन्तु यह प्रतिबन्ध किया गया है कि धारा 31 का उपयोग एक ही बार किया जा सकता है।

    धारा 31 के पुर्नस्थापित होने के कारण धारा 32(6) भी पुनः स्थापित किया जा रहा है। किन्तु धारा 31 के अन्तर्गत खोले गये वाद की समय-समय 03 माह कर दी गयी है।

    धारा 61 के अन्तर्गत लेखे रखे जाने की समय-सीमा पुनः 6 वर्ष किया जाना प्रस्तावित किया गया है।

From around the web