तीन तलाक पर जेटली का कांग्रेस पर वार, कहा- ‘पिता की गलती दोहरा रहे राहुल गांधी’

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नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) तीन तलाक और निकाह-हलाला पर अरुण जेटली ने कांग्रेस पर तीखा वार किया है ।कांग्रेस ने अल्पसंख्यक अधिवेशन में ऐलान किया था कि सरकार बनने के बाद तीन तलाक कानून को खत्म किया जाएगा। ठीक उसी दिन देश से मीलों दूर बीमार जेटली ने तीन तलाक और निकाह-हलाला पर ब्लॉग में चिंता उठाई।

उन्होंने बरेली में हुई निकाह-हलाला की एक घटना को देश के विवेक को झकझोरने वाला बताया। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर करारा पलटवार करते हुए इसे राजनीतिक अवसरवादिता करार दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जो सामूहिक विवेक को जगा देती हैं और फिर समाज में सुधार के लिए जबरदस्त हलचल देखने को मिलती है।

पर्सनल लॉ के नाम पर कुरीतियों को आगे बढ़ाने की प्रवृति पर हमला बोलते हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने लिखा, ‘पर्सनल लॉ के नाम पर अन्याय को बढ़ावा देनेवाली ऐसी घटनाएं बहुत आम हैं।कई समुदाय ने पिछले एक दशक में अपने पर्सनल लॉ में प्रगति के लिए बड़े बदलाव किए हैं। सदियों तक कुछ रूढ़िवादी और अन्यायपूर्ण प्रथाएं देश में चलती रहीं, लेकिन उन्हें खत्म किया गया। सती और अस्पृश्यता जैसी प्रथाएं आज असंवैधानिक हैं।’

कांग्रेस के अल्पसंख्यक अधिवेशन में ट्रिपल तलाक को खत्म करने के ऐलान पर जेटली ने जबरदस्त हमला किया। अपनी पैनी लेखनी से उन्होंने जमकर वार किए। जेटली ने लिखा, ‘दुर्भाग्य की बात है कि कांग्रेस और राहुल गांधी ट्रिपल तलाक के लंबित बिल को सरकार बनने पर वापस लाने की बात कर रही है। इतिहास खुद को दोहरा रहा है, ऐसी ही गलती राजीव गांधी ने शाह बानो के केस में की थी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटकर राजीव गांधी ने शाह बानो को त्रासदी और शोषण के गर्त में ढकेल दिया, 32 साल बाद उनके पुत्र भी मुस्लिम महिलाओं को यातना के शिविर में लौटाना चाहते हैं।अरुण जेटली ने अपने ब्लॉग में लिखा कि वोट तो जरूरी है ही, लेकिन निष्पक्षता उससे भी अधिक जरूरी है। विरोधियों की कटु आलोचना करते हुए बीजेपी के दिग्गज नेता ने ब्लॉग का अंत गंभीर संदेश के साथ कांग्रेस पर तीखे वार के साथ किया, ‘राजनीति के अवसरवादी अगले दिन की हेडलाइन पर नजर रखते हैं। देश के निर्माता अगली सदी पर नजर रखते हैं।’

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