पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे रहे थे उत्तराखंड के दोनों भाई, एक ने दी शहादत, पढ़कर रो पड़ेंगे आप

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देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) देश के लिए जान न्यौछावर करने वाले उत्तराखंड के लाल लांसनायक संदीप थापा की शहादत की खबर मिलने के बाद से भी उनके परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। शहीद संदीप थापा सिर्फ 35 वर्ष के थे और वे अपने पीछे पत्नी और साढ़े तीन साल के बेटे को बिलखता छोड़ गए हैं।

गर्व है कि बेटा देश के काम आया | सेना से ही रिटायर होने वाले शहीद के पिता हवलदार भगवान सिंह को बेटे की शहादत पर दुख के साथ ही गर्व भी है। पिता कहते हैं कि उनके बेटे ने भारत माता की सेवा में अपने प्राण न्योछावर किए हैं। फौज में भेजने के साथ ही उन्होंने अपने दोनों बेटों को भारत माता की सेवा में समर्पित कर दिया था। कहा कि उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व है कि वह देश के काम आया।

फौज में चार पीढ़ियां | आपको बता दें कि लांसनायक संदीप का परिवार चार पीढ़ियों से देश की सेवा कर रहा है। संदीप के परदादा भी भारतीय सेना में थे। जिसके बाद उनके दादा लक्ष्मण सिंह भी सेना में बतौर सूबेदार अपनी सेवाएं दी। पिता भगवान सिंह भी सेना में हवलदार के पद पर तैनात रहें। वहीं शहीद लासंनायक संदीप के भाई नवीन थापा भी सेना में ही हैं।

मोर्चे पर थे दोनों भाई | आपको बता दें कि शहीद संदीप और उनके भाई एक साथ गोरखा राइफल में नौशेरा में तैनात थे। दोनों भाई पाकिस्तान की गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दे रहे थे। इसी बीच संदीप गोलाबारी में घायल हो गए और उपचार के दौरान वह शहीद हो गए।

पिता को दी भाई की शहादत की खबर | यह खबर जब उनके भाई नवीन को मिली तो फिर उन्होंने ही अपने पिता को फोन पर भाई की शहादत की खबर दी। जिसके बाद से ही शहीद जवान के परिवार को रो रोकर बुरा हाल है।

उत्तराखंड | शहीद के पिता बोले- अपने दोनों बेटों को भारत माता की सेवा में समर्पित कर दिया था, गर्व है वह देश के काम आया

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