NGT  ने गौला नदी में खनन पर लगाई रोक, सकते में नैनीताल-ऊधम सिंह नगर के खनन व्यवसायी

mining-mining-every-where2नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने उत्तराखंड के हल्द्वानी-ऊधमसिंह नगर में गंगा की सहायक नदी गौला में उत्तराखंड वन विकास निगम के जरिए किए जा रहे खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। एनजीटी ने अपने निर्देश में कहा कि स्वच्छ गंगा से जुड़े एमसी मेहता के मामले में गंगा में खनन पर रोक के आदेश पहले दिए जा चुके हैं इसलिए यह गंगा की सहायक नदी गौला पर भी लागू होगा।

जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह निर्देश राज्य सरकार की ओर से दिए गए जवाब के बाद दिया है। बीती सुनवाई में बेंच ने दिनेश पांडेय बनाम केंद्र सरकार के मामले की सुनवाई के दौरान सरकार को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था। याची की ओर से कहा गया था कि ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 10 दिसंबर को नदी के 100 मीटर दायरे में किसी भी तरह का निर्माण करने और खनन के लिए रोक लगाई थी। इसलिए गौला नदी में निगम के जरिये हो रहे खनन पर रोक के साथ हासिल किए गए पर्यावरण मंजूरी को भी खारिज कर दिया जाए।

गौला नदी में खनन पर रोक से गौला नदी में खनन व्यवसाय से जुड़े लोग और स्टोन क्रैशर स्वामी सकते में हैं। नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में करीब 7 हजार खनन व्यवसायी और करीब 2 हजार मजदूर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर खनन से जुड़े हैं। अनुमान के मताबिक गौला नदी में खनन का कारोबार करीब 500 करोड़ रूपए प्रतिमाह का है। वहीं सरकार को भी खनन से करोड़ों का आय होती है।