खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता व उपलब्धता सुनिश्चित करे सरकार : निशंक

nishankपूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को लोकसभा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संबंध में पूछा कि देश के विभिन्न राज्यों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की कितनी दुकानें हैं। देश के दूर-दराज, ग्रामीण, पिछड़े, सीमावर्ती इलाकों में पर्याप्त उचित दर की दुकानें खोले जाने की मांग करते हुए निशंक ने पूछा कि सरकार ने क्या सभी वार्डो में ग्रामपंचायतों में नई दुकानें खोलने का निर्देश दिया है तथा क्या सरकार द्वारा दुर्गम, पिछड़े क्षेत्रों में गरीबों को पर्याप्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त देश के विभिन्न राज्यों में भंडारण हेतु नए गोदाम खोलने की जानकारी मांगते हुए निशंक ने कहा कि खाद्य पदार्थो की उपलब्धता एवं गुणवत्ता अत्यन्त आवश्यक है।

निशंक के सवाल का जवाब देते हुए संबंधित मंत्री ने जानकारी दी कि देश में 75 प्रतिशत तक की ग्रामीण आबादी और 50 प्रतिशत तक शहरी आबादी को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राजसहायता प्राप्त मूल्यों पर खाद्यान्न प्राप्त करने की पात्रता प्रदान की गयी है। इस प्रकार 2011 की जनगणना के अनुसार दो तिहाई आबादी को कर किया गया है। देश के राज्यों में वितरण निर्गम सहित लक्षित प्रणाली में अनियमितता की शिकायतों के विषय में मंत्रालय ने बताया कि उन्हें जांच और समुचित कार्यवाही हेतु राज्यों को भिजवा दिया गया है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि सार्वजनिक निजी भागीदारी से देश के भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की गयी है।

मंत्रालय ने बताया कि उत्तराखंड में 9158 उचित दर की दुकानें हैं जबकि पूरे देश में 5 लाख 32 लाख 102 दुकानें हैं। भंडारण डिपो की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि देश में 1872 भंडारण डिपो हैं जिसमें कि उत्तराखंड के 18 भी शामिल हैं ।

देश में कुल मिलाकर 81 करोड़ से अधिक लोगों को राष्ट्रीय खाद्य योजना के अंतर्गत कवर किया गया है। उत्तराखंड में लाभार्थियों की संख्या 61.94 लाख है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि सार्वजनिक निजी भागीदारी पद्धति से आधुनिक साईलोज का निर्माण किया जा रहा है। कुल 6 स्थानों पर 3.5 लाख टन के साइलोज के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है।