एंबुलेंस में ईंधन नही होने से सही समय पर मरीज नही पहुंच पाया अस्पताल, मौत

254

बागेश्वर(उत्तराखंड पोस्ट) 108 एंबुलेंस की लापरवाही के मामले कम होने का नाम नही ले रहे है।फिर एक खबर मिली है कि एंबुलेंस सेवा में ईंधन नहीं होने के कारण एक बीमार युवक के समय पर हायर सेंटर नहीं पहुंचने से उनसे रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

जानकारी के मुताबिक,गुजरात के सूरत शहर में प्राइवेट नौकरी  करने वाला कमस्यार घाटी के नरगोली (बागेश्वर) गांव का विजय रौतेला छुट्टी पर गांव आया हुआ था।बुधवार शाम उसकी तबियत अचानक बिगड़ने पर ग्रामीण उसे रात 10.30 बजे बेड़ीनाग के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।मरीज की  गंभीर हालत को देखते हुए प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सिद्धार्थ पाटनी ने मरीज उसे ग्लूकोज, ऑक्सीजन चढ़ा कर बड़े अस्पताल को रेफर किया। बेड़ीनाग, थल और गंगोलीहाट में 108 एंबुलेंस न मिलने पर परिजन मरीज को जीप से ले गए। रास्ते में ग्रामीणों ने अल्मोड़ा से 108 एंबुलेंस भिजवाने को कहा।वहां से भी एंबुलेंस केवल छह किलोमीटर तक ही आ पाने की बात कही गई। इस बीच, इलाज के अभाव में तड़प रहे विजय ने बेड़ीनाग से 63 किलोमीटर दूर धौलछीना में दम तोड़ दिया। इसके बाद ग्रामीण विजय के शव को वापस ले आए।

डॉ. पाटनी का कहना है कि एंबुलेंस में मरीज को लगातार ऑक्सीजन और अटेंडेंट मिल जाता। इसके अलावा ग्लूकोज एवं आवश्यक दवाएं भी मिलती रहती। ईंधन नहीं मिलने से पिथौरागढ़ जिले में 108 और खुशियों की सवारी के 16 वाहन खड़े हैं। एकमात्र धारचूला में 108 और खुशियों की सवारी चल रही है। अन्य स्थानों पर वाहन नहीं चल पा रहे हैं। स्थिति की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। बृहस्पतिवार को सीएमओ की ओर से पंप मालिकों को एक सप्ताह में भुगतान करने का पत्र जारी किया गया है।

विजय परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। गुजरात के सूरत शहर में प्राइवेट नौकरी कर परिवार की गुजर बसर कर रहा था। परिवार में वृद्धा मां, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। उसकी मौत के बाद अब परिवार के लिए आजीविका का संकट हो गया है। परिवार की  हालत देखकर कमस्यार घाटी जन कल्याण संस्था ने उसके परिवार को प्रधान अनिल रौतेला के माध्यम से 10 हजार रुपये की नकद सहायता दी है। पूर्व प्रधानाचार्य मनोहर सिंह रौतेला ने भी एक हजार रुपये की मदद की है। कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि 108 सेवा दुरुस्त करने के लिए वह जिलाधिकारी से लेकर जनपद के प्रभारी मंत्री तक गुहार लगा चुके हैं।

(उत्तराखंडपोस्ट के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैंआप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)